पर्वत की चोटी से पुकार: बुलंदियों का आह्वान | Summit Call Hindi Poem
पुकारती है चोटी तुझको, तू कदम बढ़ा मुसाफिर, बर्फ की हर फिसलन से तू आंख मिला मुसाफिर। जो डर गया …
Hindi Poetry on love , on life ,on feeling and more
पुकारती है चोटी तुझको, तू कदम बढ़ा मुसाफिर, बर्फ की हर फिसलन से तू आंख मिला मुसाफिर। जो डर गया …
1. “तजुर्बे उम्र से नहीं, हादसों से आते हैं जनाब, जो ठोकर खाकर संभलते हैं, वही दुनिया को रास्ता दिखाते …
बुजुर्ग घर के बरगद की उस शीतल छांव जैसे हैं, जिनके कदमों में बसे चारों धाम जैसे हैं। झुर्रियों भरे …
1. “हमने कभी इज़हार नहीं किया अपनी मोहब्बत का, मगर हमारी हर सांस में सिर्फ तेरा ही नाम बसता है।” …
फूलों सी महकती रहे यह दोस्ती हमारी, सारे जहां से प्यारी है यह यारी हमारी। गम के हर आंसू को …
1. “जिस्मों की चाहत तो हर कोई करता है साहब, मज़ा तो तब है जब कोई आपकी रूह से मोहब्बत …
बांध मत पैरों में बेड़ियां इस जमाने की, यह घड़ी है अपने सपनों को सच कर दिखाने की। हौसलों के …
1. “चेहरे पर हंसी और दिल में खंजर लिए फिरते हैं लोग, इस मतलबी शहर में किसे अपना कहें और …
चाय का नशा और सुकून (Quick Summary): भारत में चाय सिर्फ एक पेय (Beverage) नहीं है, यह एक ‘इमोशन’ है। …
आंधियां जितनी भी तेज हों बाहर साहिब, मन के इस दीये को बुझने मत देना कभी। एक नन्ही सी लौ …