बुजुर्गों का आशीर्वाद और बरगद की छांव | Wisdom of Elders Poem in Hindi

बुजुर्ग घर के बरगद की उस शीतल छांव जैसे हैं,
जिनके कदमों में बसे चारों धाम जैसे हैं।

झुर्रियों भरे चेहरे में छिपा है तजुर्बों का समंदर,
उनके आशीर्वाद से महकता है हमारा हर मुकद्दर।
कद्र करो इन फरिश्तों की जब तक ये साथ हैं,
इनकी दुआओं में ही तो भगवान के साक्षात हाथ हैं!

Advertisement

Leave a Comment