1. “हमने कभी इज़हार नहीं किया अपनी मोहब्बत का,
मगर हमारी हर सांस में सिर्फ तेरा ही नाम बसता है।”
2. “तुझे दूर से देखना भी कितना सुकून देता है,
यह वही जानता है जिसने खामोशी से प्यार किया हो।”
1. “हमने कभी इज़हार नहीं किया अपनी मोहब्बत का,
मगर हमारी हर सांस में सिर्फ तेरा ही नाम बसता है।”
2. “तुझे दूर से देखना भी कितना सुकून देता है,
यह वही जानता है जिसने खामोशी से प्यार किया हो।”