आंधियां जितनी भी तेज हों बाहर साहिब,
मन के इस दीये को बुझने मत देना कभी।एक नन्ही सी लौ भी बहुत है अंधेरे को चीरने के लिए,
हौसला काफी है जिंदगी को फिर से संवारने के लिए।
तूफान आएंगे और चले जाएंगे एक दिन,
तेरा विश्वास ही बनेगा नई रोशनी का चिराग उस दिन!