सपनों की उड़ान: खुले आसमान की तलाश पर कविता | Flying towards Dreams Poem in Hindi

बांध मत पैरों में बेड़ियां इस जमाने की,
यह घड़ी है अपने सपनों को सच कर दिखाने की।

हौसलों के पंख फैला और तूफ़ानों को चीर दे,
अपनी मेहनत से तू अपनी तकदीर की लकीर दे।
आसमान खुद झुक जाएगा तेरे कदमों में एक दिन,
बस ज़िद रख अपनी मंजिल को पा जाने की!

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