मजदूर का पसीना और स्वाभिमान: कर्मठता पर कविता | Dignity of Labour Poem in Hindi
हाथों में छाले हैं जिसके, माथे पे पसीना बहता है, वो मजदूर ही तो है जो चुपचाप गगनचुंबी महल बनाता …
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हाथों में छाले हैं जिसके, माथे पे पसीना बहता है, वो मजदूर ही तो है जो चुपचाप गगनचुंबी महल बनाता …
खिलखिलाती हंसी जिसकी आंगन में बहार लाती है, नन्हीं सी परी बनकर जो घर को स्वर्ग बनाती है। पिता की …
लाडली बेटी: दिल छू लेने वाली सुंदर कविता | Emotional Beti Par Kavita in Hindi बेटी पर कविता का भाव …
50+ माँ पर शायरी 2 लाइन | Heart Touching Maa Par Shayari in Hindi माँ पर शायरी क्या है? (What …
धूप हो या छांव हो, तू चलता चल, राह में गहरा घाव हो, तू चलता चल। गिरना ही तो नियति …
जीवन एक रंगमंच है साहब, सब अपना किरदार निभाते हैं, कोई हंसाता है इस महफिल में, कोई अश्क बहाते हैं। …
आ रही हिमाचल से पुकार, है उदधि गरजता बार-बार, प्राची, पश्चिम, भू, नभ अपार, सब पूछ रहे हैं दिग-दिगंत, वीरों …
तपती हुई धरती पे जब पहली बूंद गिरी, मिट्टी की सौंधी महक से हवाएं संवरी। झूम उठे पेड़-पौधे, नाचे मयूर …
नीम की वो शीतल छांव, वो चौपालों की बातें, कहाँ खो गईं वो तारों भरी गांव की रातें? कच्ची पगडंडी …
न कोई सीमा, न कोई पहरा, हवा का झोंका कितना गहरा। पत्तों को छूकर गाती है जो, खुशियों का संदेशा …