खिलखिलाती हंसी जिसकी आंगन में बहार लाती है,
नन्हीं सी परी बनकर जो घर को स्वर्ग बनाती है।पिता की लाडली और मां की परछाई है बेटी,
खुशियों की सबसे अनमोल सौगात है बेटी।
पढ़ाओ-लिखाओ इसे, दो खुले आसमान में परवाज़,
कल इस देश को होगा अपनी इस बेटी पर नाज़!
खिलखिलाती हंसी जिसकी आंगन में बहार लाती है,
नन्हीं सी परी बनकर जो घर को स्वर्ग बनाती है।पिता की लाडली और मां की परछाई है बेटी,
खुशियों की सबसे अनमोल सौगात है बेटी।
पढ़ाओ-लिखाओ इसे, दो खुले आसमान में परवाज़,
कल इस देश को होगा अपनी इस बेटी पर नाज़!