दीपावली के दीपों की रोशनी: दिवाली पर सुंदर कविता व शुभकामना संदेश | Diwali Poem in Hindi

दीपावली के दीपों की रोशनी: दिवाली पर सुंदर कविता व शुभकामना संदेश | Diwali Poem in Hindi

तमसो मा ज्योतिर्गमय (अंधेरे से उजाले की ओर):
दीपावली केवल पटाखों के शोर या मिठाइयों के लेन-देन का त्योहार नहीं है। यह मिट्टी के एक नन्हें से दीये द्वारा घने अंधकार को पराजित करने का अमर संदेश है। जब भगवान श्रीराम 14 वर्ष का वनवास काटकर अयोध्या लौटे थे, तो हर दिल में प्रेम का दीया जला था।

दीपावली की सुंदर कविता: “जलाओ दीप ऐसा”

“जलाओ दीप ऐसा कि मन का मैल धुल जाए,
नफरतों की दीवारें टूटें और हर दिल आपस में मिल जाए!
मिट्टी के इस छोटे दीये में वो असीम ताकत है छुपी,
कि अंधेरा कितना भी गहरा हो, उजाला खिल ही जाए!
खील-बताशे और मिष्ठान से मीठी हो सबकी जुबां,
हर गरीब की झोपड़ी में भी दिवाली का जश्न बन जाए!”

दिवाली 4 Line शायरी व स्टेटस

“दीयों की रोशनी से जगमगाता रहे आपका संसार,
लक्ष्मी जी पधारें घर, खुशियों की हो बौछार!
राम जी की कृपा से पूर्ण हों आपके सभी काज,
शुभ और मंगलमय हो आपके लिए दीपावली का त्योहार!”
“रंगोली के रंगों से सजे आपके जीवन की हर राह,
कभी न रहे मन में कोई उदासी या कोई आह!
यह दिवाली लाए आपके घर में बरकत और अमन,
दीपों के साथ खिल उठे आपका प्यारा सा गुलशन!”
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