धनतेरस पर सुख-समृद्धि और मंगल कामना कविता व 4 लाइन शायरी | Dhanteras Poem in Hindi

धनतेरस पर सुख-समृद्धि और मंगल कामना कविता व 4 लाइन शायरी | Dhanteras Poem in Hindi

आरोग्य और समृद्धि का शुभारंभ:
दीपावली के पांच दिवसीय महापर्व का पहला दिन ‘धनतेरस’ कहलाता है। इस दिन समुद्र मंथन से आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। धनतेरस केवल सोना-चांदी खरीदने का नाम नहीं, बल्कि सबसे बड़े धन यानी ‘उत्तम स्वास्थ्य’ और ‘पारिवारिक सौहार्द’ की कामना करने का दिन है।

धनतेरस मंगल कामना कविता

“आया धनतेरस का पावन त्योहार,
सजे थाली में दीये और बर्तनों का उपहार!
धन्वंतरि देव दें उत्तम सेहत का वरदान,
कुबेर जी खोलें सुख-समृद्धि के भंडार!
मिटे दरिद्रता, खिले सबके आंगन में बहार,
शुभ हो आपके लिए धनतेरस का पावन संसार!”

धनतेरस 4 Line सुंदर शायरी संग्रह

“सोने का रथ हो, चांदी की पालकी हो सुहानी,
बैठकर आएं माँ लक्ष्मी, सुख-शांति की रानी!
धनतेरस पर आपके घर बरसे खुशियों की बरसात,
सदा बनी रहे आप पर कुबेर देव की मेहरबानी!”
“दीपक की लौ से रोशन हो आपका हर एक कोना,
गमों को भूलकर सिर्फ खुशियों में ही हो सोना!
धनतेरस के इस शुभ दिन पर दिल से यह दुआ है हमारी,
कभी न छूटे आपके अपनों का यह प्यारा सा बिछौना!”
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