दो मूर्तियों की कहानी: दर्द और संघर्ष सहने वाला ही बनता है महान
कहा जाता है कि जो पत्थर छेनी और हथौड़े की चोट सहने से डर जाता है, वह कभी मूर्ति नहीं …
कहा जाता है कि जो पत्थर छेनी और हथौड़े की चोट सहने से डर जाता है, वह कभी मूर्ति नहीं …
ज़िंदगी वैसी नहीं होती जैसी हम फिल्मों या किताबों में देखते हैं। हकीकत की जमीन पर कदम रखते ही इंसान …
आशा जीवन की वह लौ है जो घने से घने अंधकार में भी मार्ग प्रशस्त करती है। जब मन उदास …
इंसान बाहर की रुकावटों से नहीं, बल्कि अपने अंदर के डर और विश्वास की कमी से हारता है। Aatmavishwas ki …
सच्चा प्यार चेहरे से नहीं, रूह से होता है। जब दो दिल बिना किसी शर्त के एक-दूसरे के हो जाते …
दुनिया में भगवान का दूसरा नाम अगर कोई है, तो वह माँ है। माँ की ममता का कोई विकल्प नहीं …
मनुष्य जैसा सोचता है, वैसा ही बन जाता है। यदि सोच सकारात्मक हो, तो सबसे कठिन परिस्थिति भी अवसर में …
कहा जाता है कि जल्दबाजी में लिए गए फैसले केवल पछतावा देते हैं, जबकि धैर्य के साथ किया गया परिश्रम …
दोस्ती वो खूबसूरत रिश्ता है जिसे खून के रिश्ते नहीं बल्कि दिलों के रिश्ते बांधते हैं। एक सच्चा दोस्त जिंदगी …
बचपन जिंदगी का वो सबसे हसीन दौर होता है जिसमें न कल की चिंता होती थी और न आज की …