बचपन जिंदगी का वो सबसे हसीन दौर होता है जिसमें न कल की चिंता होती थी और न आज की जिम्मेदारियों का बोझ। यह Hindi Poem on Childhood आपको आपके मासूम और प्यारे बचपन की गलियों में वापस ले जाएगी:
कागज़ की कश्ती, वो बारिश का पानी,
कहाँ खो गई वो बचपन की कहानी?मिट्टी के घरौंदे, वो गुड्डे-गुड़ियों का खेल,
छोटी-छोटी बातों पर वो झगड़ा और मेल।
न जेब में पैसे, न दुनिया की फिक्र,
हर शाम बस दोस्तों का ही था जिक्र।मां के आंचल में छुपकर सो जाना,
रूठना कभी तो पल में मान जाना।
आज बड़े होकर समझ में आया हमें,
कितना सस्ता था खिलौना, कितना महंगा था बचपन का ज़माना!