बहती हवा और आजादी: प्रकृति के उन्मुक्त सौंदर्य पर कविता | Freedom and Nature Poem in Hindi
न कोई सीमा, न कोई पहरा, हवा का झोंका कितना गहरा। पत्तों को छूकर गाती है जो, खुशियों का संदेशा …
न कोई सीमा, न कोई पहरा, हवा का झोंका कितना गहरा। पत्तों को छूकर गाती है जो, खुशियों का संदेशा …
⚡ आदत की ताकत: “आप अपना भविष्य नहीं बदल सकते, लेकिन अपनी आदतें बदल सकते हैं; और आपकी आदतें ही …
जब आठ अंगों से टेढ़े मुनि अष्टावक्र राजा जनक की राजसभा में पहुँचे, तो उनके विचित्र शरीर को देखकर सभा …
1. “तेरा नजरअंदाज करना भी हमें गवारा है, मगर याद रखना, खोने के बाद हमारी तलाश में आंखें तरस जाएंगी।” …
तलवारों की धार झुकी है, इस नन्हीं सी नोक के आगे, सन्नाटों में गूंज उठी है, सोए हुए ज़मीर को …
⚡ अनुशासन का नियम: “अनुशासन वह पुल है जो आपके सपनों को आपकी सफलताओं से जोड़ता है।” 1. “अनुशासन का …
कड़ी धूप में एक प्यासा कौआ पानी की तलाश में भटक रहा था। उसे एक बगीचे में पानी का घड़ा …
1. “कभी-कभी खुद से ही बिछड़ जाना पड़ता है, दुनिया के दिए जख्मों को छुपाने के लिए।” 2. “आंखों के …
जेब खाली हो फिर भी कभी मना नहीं करते, मैंने पिता से अमीर इंसान इस जहां में नहीं देखा। खुद …
⚡ भगवान बुद्ध का संदेश: “शांति अपने अंदर से आती है, इसे बाहर मत तलाशो।” 1. “क्रोध को पाले रखना …