कड़ी धूप में एक प्यासा कौआ पानी की तलाश में भटक रहा था। उसे एक बगीचे में पानी का घड़ा दिखाई दिया। लेकिन घड़े में पानी बहुत नीचे था और कौवे की चोंच वहां तक नहीं पहुँच पा रही थी।
कौवे ने हिम्मत नहीं हारी। उसने पास पड़े छोटे-छोटे कंकड़ों को देखा। उसने एक-एक कंकड़ अपनी चोंच से उठाया और घड़े में डालना शुरू किया। धीरे-धीरे पानी ऊपर आ गया। कौवे ने जी भरकर पानी पिया और उड़ गया।
💡 सीख: जहाँ चाह है, वहाँ राह है। परिस्थिति कैसी भी हो, बुद्धि और धैर्य से हर समस्या का समाधान संभव है।