सच्ची दोस्ती पर 4 लाइन की सबसे सुंदर कविताएं | 4 Line Poem on Dosti in Hindi
दोस्ती का अनमोल रिश्ता:
रिश्ते तो हमें जन्म से मिलते हैं, लेकिन ‘दोस्त’ वो इकलौता रिश्ता है जिसे हम खुद अपनी पसंद और दिल की आवाज़ से चुनते हैं। जब सारी दुनिया मतलब के तराजू पर तौलने लगे, तब एक सच्चा दोस्त ही बिना किसी स्वार्थ के कंधे पर हाथ रखकर कहता है— “तू फिक्र मत कर, मैं हूँ ना!”
रिश्ते तो हमें जन्म से मिलते हैं, लेकिन ‘दोस्त’ वो इकलौता रिश्ता है जिसे हम खुद अपनी पसंद और दिल की आवाज़ से चुनते हैं। जब सारी दुनिया मतलब के तराजू पर तौलने लगे, तब एक सच्चा दोस्त ही बिना किसी स्वार्थ के कंधे पर हाथ रखकर कहता है— “तू फिक्र मत कर, मैं हूँ ना!”
1. बेमतलब की यारी और सुकून
“दौलत की चमक में जो साथ निभाए वो दोस्त नहीं होता,
मुसीबत के वक्त जो आंसू पोंछे वो कभी जुदा नहीं होता!
लाखों मिल जाएं राहों में मगर याद रखना मेरे यार,
सच्चे दोस्त का मिलना खुदा की रहमत से कम नहीं होता!”
मुसीबत के वक्त जो आंसू पोंछे वो कभी जुदा नहीं होता!
लाखों मिल जाएं राहों में मगर याद रखना मेरे यार,
सच्चे दोस्त का मिलना खुदा की रहमत से कम नहीं होता!”
2. स्कूल और कॉलेज के यार
“एक समोसे में चार हिस्से करने वाली वो यारी थी,
जेब भले ही खाली थी पर खुशियां सबकी प्यारी थीं!
आज पैसा तो बहुत है पर वो सुकून कहाँ से लाएं,
जहाँ दोस्तों की एक हंसी पूरी कायनात पर भारी थी!”
जेब भले ही खाली थी पर खुशियां सबकी प्यारी थीं!
आज पैसा तो बहुत है पर वो सुकून कहाँ से लाएं,
जहाँ दोस्तों की एक हंसी पूरी कायनात पर भारी थी!”
3. हर मुश्किल का हल: सच्चा दोस्त
“ना कोई वादा चाहिए ना कोई दिखावा चाहिए,
डगमगाती जिंदगी में बस तेरा साथ चाहिए!
जब भी मायूस हो यह दिल किसी मोड़ पर आकर,
बस पीठ पर तेरी थपकी और लबों पर वही याराना चाहिए!”
डगमगाती जिंदगी में बस तेरा साथ चाहिए!
जब भी मायूस हो यह दिल किसी मोड़ पर आकर,
बस पीठ पर तेरी थपकी और लबों पर वही याराना चाहिए!”
4. दूरियों के बाद भी अटूट रिश्ता
“शहर बदल गए, मकान बदल गए, मगर जज़्बात वही हैं,
भले ही रोज़ बात न हो, मगर यादों की सौगात वही है!
जब भी फोन उठता है कई महीनों के बाद भी यार,
शुरुआत वहीं से होती है, क्योंकि अपनी पुरानी बात वही है!”
भले ही रोज़ बात न हो, मगर यादों की सौगात वही है!
जब भी फोन उठता है कई महीनों के बाद भी यार,
शुरुआत वहीं से होती है, क्योंकि अपनी पुरानी बात वही है!”
5. दोस्ती का असली आईना
“पीठ पीछे जो बुराई से बचाए वो ढाल है दोस्त,
मुंह पर जो तेरी गलती बता दे वो कमाल है दोस्त!
झूठी तारीफों के बाजार में बिक मत जाना कभी,
जो सच का साथ दे वही तेरा सच्चा यार है दोस्त!”
मुंह पर जो तेरी गलती बता दे वो कमाल है दोस्त!
झूठी तारीफों के बाजार में बिक मत जाना कभी,
जो सच का साथ दे वही तेरा सच्चा यार है दोस्त!”
