माँ के चरणों में जन्नत: माँ पर 4 लाइन की भावुक कविताएं | 4 Line Poem on Mother in Hindi

माँ के चरणों में जन्नत: माँ पर 4 लाइन की भावुक कविताएं | 4 Line Poem on Mother in Hindi

ममता की अमर छांव:
संसार में यदि ईश्वर का कोई साक्षात रूप है, तो वह ‘माँ’ है। बच्चे के एक आंसू पर जो रात-रात भर जागती है और खुद भूखी रहकर अपने हिस्से की रोटी औलाद की थाली में परोस देती है, उस माँ की महिमा शब्दों की सीमा से परे है।

1. माँ की दुआ और जिंदगी की ढाल

“दवा असर न करे तो नजर उतारती है माँ,
खुद जागती है रात भर, हमें प्यार से सुलाती है माँ!
मुसीबतें लाख आएं मेरे रास्ते में तो क्या हुआ,
मेरे आगे-आगे दुआओं की ढाल बनकर चलती है माँ!”

2. घर की रौनक

“माँ के बिना घर का हर कोना वीरान लगता है,
उसके चेहरे की एक हंसी से सारा जहां मेहरबान लगता है!
तीर्थ भी छोटे पड़ जाएं उस आंगन के सामने,
जहाँ माँ के चरणों को छूकर हर दिन आसान लगता है!”

3. निस्वार्थ त्याग

“रोटी कम हो तो खुद भूखी रह जाती है वो,
‘मुझे भूख नहीं’ कहकर हंसकर टाल जाती है वो!
औलाद की खुशी के लिए जो अपनी हर ख्वाहिश कुर्बान कर दे,
इस ज़मीन पर खुदा का दूसरा रूप कहलाती है वो!”

4. बूढ़ी माँ का इंतजार

“चौखट पर बैठी जो रोज़ राह तकती है बेटे की,
कमजोर आंखों से भी जो सूरत पहचान लेती है बेटे की!
दुनिया की किसी दौलत से यह कर्ज नहीं चुकाया जा सकता,
जो एक मुस्कान में सारी उम्र न्योछावर कर देती है बेटे की!”
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