1. “वक्त सबसे बड़ा मरहम है साहब,
हर गहरे जख्म को एक दिन निशान बना देता है।”
2. “अपनों के दिए जख्मों का दर्द बस वही जानता है,
जिसने खामोशी से हर वार को गले लगाया हो।”
1. “वक्त सबसे बड़ा मरहम है साहब,
हर गहरे जख्म को एक दिन निशान बना देता है।”
2. “अपनों के दिए जख्मों का दर्द बस वही जानता है,
जिसने खामोशी से हर वार को गले लगाया हो।”