एक महान गुरु अपने अंतिम समय में अपने सभी शिष्यों को पास बुलाते हैं। शिष्यों ने पूछा, “गुरुदेव! जाने से पहले हमें बताइए कि इस मानव जीवन का सबसे बड़ा और अंतिम उद्देश्य क्या है?”
गुरुदेव ने एक खाली दिया मंगवाया और उसमें तेल-बाती डालकर जलाया। उन्होंने कहा, “मेरे बच्चों! यह दिया खुद जलता है, लेकिन चारों तरफ रोशनी फैलाता है। मानव जीवन का सच्चा उद्देश्य भी यही है—अपने कर्मों, विचारों और वाणी से संसार के अंधकार को दूर करना और दूसरों के जीवन में खुशियों का उजाला भरना।”
💡 सीख: केवल खुद के लिए जीना पशुता है, और दूसरों की भलाई के लिए जीना ही सच्ची मानवता है।