एकतरफा प्यार की अधूरी दास्तान | Emotional One-Sided Love Story in Hindi

एकतरफा प्यार की अधूरी दास्तान | Emotional One-Sided Love Story in Hindi

एकतरफा प्यार का दर्द:
कहा जाता है कि दोतरफा प्यार में किस्मत साथ देती है, लेकिन एकतरफा प्यार में इंसान अपनी पूरी रूह झोंक देता है— बिना किसी वापसी की उम्मीद के। यह कहानी है रोहन और सिमरन की, जहाँ एक खामोश दिल ने सालों तक सिर्फ दूर से प्यार की हिफाज़त की।

लाइब्रेरी का वो कोना और पहली मुलाकात

कॉलेज की पुरानी लाइब्रेरी में दोपहर के वक्त जब खिड़की से धूप की सुनहरी किरणें धूल के कणों को चमकाती थीं, रोहन अक्सर तीसरी कतार वाली मेज पर बैठता था। उसका मकसद पढ़ाई कम और कुछ ही फासले पर बैठी सिमरन को चुपके से देखना ज्यादा होता था। सिमरन जब भी अपने बालों को कान के पीछे करती, रोहन की कलम कॉपी पर रुक जाती थी।

रोहन ने कभी सिमरन से बात करने की हिम्मत नहीं जुटाई। वह एक साधारण परिवार का लड़का था, जिसमें इतनी चमक नहीं थी कि किसी को आकर्षित कर सके, लेकिन उसके सीने में एक ऐसा समंदर था जो सिर्फ सिमरन के नाम पर हिलोरें लेता था।

जब सिमरन की ज़िंदगी में कोई और आया

कॉलेज के दूसरे साल में जब सिमरन के साथ कॉलेज के सबसे लोकप्रिय लड़के समीर को देखा गया, तो रोहन का दिल पहली बार अंदर से टूटा। लेकिन अजीब बात यह थी कि उसने कभी सिमरन से नफरत नहीं की। उसने अपनी मोहब्बत को और पवित्र कर लिया— “अगर वह खुश है, तो मेरी मोहब्बत मुकम्मल है।”

एक दिन बारिश में सिमरन रो रही थी। समीर ने उसका भरोसा तोड़ा था। रोहन ने चुपचाप अपनी छतरी उसके पास रख दी और खुद भीगते हुए हॉस्टल लौट गया। उसने कभी यह नहीं जताया कि वो छतरी उसकी थी।

“मोहब्बत में जरूरी तो नहीं कि इजहार किया जाए,
इश्क तो वो भी सच्चा है जो सिर्फ दुआओं में याद किया जाए!
तू खुश रहे चाहे किसी और के आशियाने में भी,
हम तो वो आशिक हैं जो तेरी मुस्कान पर ही जान निसार किया जाए!”

कॉलेज का आखिरी दिन और खामोश विदा

फेयरवेल वाले दिन जब सब एक-दूसरे की शर्ट पर यादें लिख रहे थे, सिमरन रोहन के पास आई और मुस्कुराते हुए बोली— “रोहन, तुम हमेशा इतने शांत क्यों रहते हो? कभी कुछ मांगते क्यों नहीं?”

रोहन ने अपनी भीगी पलकें झुकाते हुए सिर्फ इतना कहा— “क्योंकि जो मुझे चाहिए था, वह मेरे नसीब में नहीं बल्कि खुदा की सबसे अनमोल अमानत था।” सिमरन उस वक्त उसकी बात की गहराई नहीं समझ सकी।

आज सालों बाद भी रोहन की डायरी के आखिरी पन्ने पर एक सूखा गुलाब रखा है। वह आज भी किसी से शादी नहीं कर पाया— क्योंकि सच्चे एकतरफा प्यार में इंसान किसी और को वो जगह कभी दे ही नहीं पाता।

Advertisement

Leave a Comment