1. “लफ़्ज़ों की ज़रूरत ही कहाँ पड़ती है मोहब्बत में,
तेरी आँखों का एक दीदार ही पूरी दास्तान कह जाता है।”
2. “समंदर से भी गहरी हैं तेरी ये कातिल आँखें,
डूब जाने का दिल करता है हर बार देख कर।”
1. “लफ़्ज़ों की ज़रूरत ही कहाँ पड़ती है मोहब्बत में,
तेरी आँखों का एक दीदार ही पूरी दास्तान कह जाता है।”
2. “समंदर से भी गहरी हैं तेरी ये कातिल आँखें,
डूब जाने का दिल करता है हर बार देख कर।”