उठ खड़ा हो मुसाफिर, नया सवेरा आया है,
तेरे संघर्षों ने देख आज सूरज चमकाया है।जो कहते थे कभी कि तुझसे न हो पाएगा,
देख आज जमाना तेरे गुणगान गाएगा।
शंखनाद कर विजय का, लहरा दे अपना परचम,
तू ही है इस नई सदी का सच्चा विजेता, सच्चा हमदम!
उठ खड़ा हो मुसाफिर, नया सवेरा आया है,
तेरे संघर्षों ने देख आज सूरज चमकाया है।जो कहते थे कभी कि तुझसे न हो पाएगा,
देख आज जमाना तेरे गुणगान गाएगा।
शंखनाद कर विजय का, लहरा दे अपना परचम,
तू ही है इस नई सदी का सच्चा विजेता, सच्चा हमदम!