लाडली बेटी: दिल छू लेने वाली सुंदर कविता | Emotional Beti Par Kavita in Hindi
बेटी घर का वह प्रकाश है जो दो कुलों को अपने प्रेम, संस्कार और स्नेह से रोशन करती है। बेटी पर कविता (Beti Par Kavita in Hindi) एक पिता और माँ के उस असीम वात्सल्य, विदाई की भावुकता और लाडली के त्याग को समर्पित एक सुंदर साहित्यिक रचना है।
कविता: “घर की रौनक, आँगन की तुलसी है बेटी”
यह कविता हर उस बेटी को समर्पित है जिसकी पायल की झंकार से सूने घर भी खुशियों के महल बन जाते हैं:
खुदा की सबसे हसीन इनायत है बेटी,
माँ की परछाई, पिता की ताकत है बेटी।
जिस घर में गूँजती है इसकी मीठी हंसी,
उस घर की सबसे बड़ी बरकत है बेटी।नन्हे-नन्हे कदमों से जब आँगन में चलती है,
हर गम को भुलाकर मुस्कान में ढलती है।
खुद भूखी रहकर भी सबका ख्याल रखती है,
कच्ची उम्र में भी कितनी समझदार दिखती है।पिता के माथे की हर शिकन को पहचानती है,
बिना कहे दिल की हर बात को जानती है।
रोने लगे जब कभी आँखें उदासी में,
थाम कर हाथ, हौसलों को उड़ान देती है।एक दिन उड़ जाएगी ये चिड़िया परदेस में,
छोड़ जाएगी यादें हर एक भेष में।
बाबुल की आँख का वो अनमोल तारा है,
जिसके बिना यह सारा संसार ही खारा है।फूलों सी कोमल है, चट्टानों सी मजबूत है,
बेटी है तो हर घर में ईश्वर का सबूत है।
बेटी के महत्व पर 4 पंक्तियां (Short Beti Status)
“मांगती नहीं कभी वो अपनी खुशियों का हिसाब,
बेटी वो फूल है जो महकाए हर गुलाब।”
“बेटे अगर कुल का चिराग होते हैं,
तो बेटियां पूरे घर की रोशनी होती हैं।”
“दुआओं में जिसके रब की रजा होती है,
सच मानो, बेटी घर का सबसे पावन हिस्सा होती है।”
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