नई सुबह का शंखनाद: विजय गान पर प्रेरणादायक कविता | Dawn of Victory Hindi Poem

उठ खड़ा हो मुसाफिर, नया सवेरा आया है,
तेरे संघर्षों ने देख आज सूरज चमकाया है।

जो कहते थे कभी कि तुझसे न हो पाएगा,
देख आज जमाना तेरे गुणगान गाएगा।
शंखनाद कर विजय का, लहरा दे अपना परचम,
तू ही है इस नई सदी का सच्चा विजेता, सच्चा हमदम!

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