1. “तजुर्बे उम्र से नहीं, हादसों से आते हैं जनाब,
जो ठोकर खाकर संभलते हैं, वही दुनिया को रास्ता दिखाते हैं।”
2. “किताबों से जो न सीखा, वो जिंदगी के मोड़ों ने सिखा दिया,
अपनों की पहचान का हुनर हमें वक्त ने सिखा दिया।”
1. “तजुर्बे उम्र से नहीं, हादसों से आते हैं जनाब,
जो ठोकर खाकर संभलते हैं, वही दुनिया को रास्ता दिखाते हैं।”
2. “किताबों से जो न सीखा, वो जिंदगी के मोड़ों ने सिखा दिया,
अपनों की पहचान का हुनर हमें वक्त ने सिखा दिया।”