एक जंगल में भीषण आग लग गई। सब भागने लगे। वहां एक अंधा व्यक्ति था जो देख नहीं सकता था और एक लंगड़ा व्यक्ति था जो चल नहीं सकता था। दोनों को लगा कि वे जलकर मर जाएंगे।
तभी लंगड़े ने युक्ति सुझाई, “भाई! तुम मुझे अपने कंधे पर बैठा लो। तुम्हारे पास मजबूत पैर हैं और मेरे पास आंखें हैं। मैं रास्ता देखूँगा और तुम दौड़ोगे।”
अंधे ने लंगड़े को कंधे पर बैठा लिया। लंगड़े के बताए रास्ते पर अंधा तेजी से दौड़ पड़ा और दोनों सुरक्षित जंगल की आग से बाहर निकल आए।
💡 सीख: अकेले हम कमजोर हो सकते हैं, लेकिन जब हम अपनी क्षमताओं को मिलाकर एक-दूसरे का सहयोग करते हैं, तो कोई भी संकट हमें हरा नहीं सकता।