बांध मत पैरों में बेड़ियां इस जमाने की,
यह घड़ी है अपने सपनों को सच कर दिखाने की।हौसलों के पंख फैला और तूफ़ानों को चीर दे,
अपनी मेहनत से तू अपनी तकदीर की लकीर दे।
आसमान खुद झुक जाएगा तेरे कदमों में एक दिन,
बस ज़िद रख अपनी मंजिल को पा जाने की!
बांध मत पैरों में बेड़ियां इस जमाने की,
यह घड़ी है अपने सपनों को सच कर दिखाने की।हौसलों के पंख फैला और तूफ़ानों को चीर दे,
अपनी मेहनत से तू अपनी तकदीर की लकीर दे।
आसमान खुद झुक जाएगा तेरे कदमों में एक दिन,
बस ज़िद रख अपनी मंजिल को पा जाने की!