नदी और समंदर का मिलन: समर्पण पर कविता | River Meeting the Ocean Poem in Hindi
चट्टानों से टकराई, मोड़ों से बल खाई जो, हजारों मील का सफर हंसकर तय कर आई जो। खो दिया अपना …
चट्टानों से टकराई, मोड़ों से बल खाई जो, हजारों मील का सफर हंसकर तय कर आई जो। खो दिया अपना …