कलम की ताकत: विचारों की धार पर ओजस्वी कविता | Power of Pen Hindi Poem
तलवारों की धार झुकी है, इस नन्हीं सी नोक के आगे, सन्नाटों में गूंज उठी है, सोए हुए ज़मीर को …
तलवारों की धार झुकी है, इस नन्हीं सी नोक के आगे, सन्नाटों में गूंज उठी है, सोए हुए ज़मीर को …