पर्वत की चोटी से पुकार: बुलंदियों का आह्वान | Summit Call Hindi Poem
पुकारती है चोटी तुझको, तू कदम बढ़ा मुसाफिर, बर्फ की हर फिसलन से तू आंख मिला मुसाफिर। जो डर गया …
पुकारती है चोटी तुझको, तू कदम बढ़ा मुसाफिर, बर्फ की हर फिसलन से तू आंख मिला मुसाफिर। जो डर गया …