1. “चांद को देखकर याद आई तेरी सादगी की झलक,
तू भी उतना ही हसीन है और उतना ही दूर भी।”
2. “रात की खामोशी में जब चांद मुस्कुराता है,
तेरी खुशबू से महक उठता है मेरा हर एक ख्वाब।”
1. “चांद को देखकर याद आई तेरी सादगी की झलक,
तू भी उतना ही हसीन है और उतना ही दूर भी।”
2. “रात की खामोशी में जब चांद मुस्कुराता है,
तेरी खुशबू से महक उठता है मेरा हर एक ख्वाब।”