बंदर और मगरमच्छ: संकट में बुद्धि और चतुराई की सीख | Monkey and Crocodile Story in Hindi with Moral

जामुन के पेड़ पर रहने वाले बंदर और नदी के मगरमच्छ में गहरी दोस्ती थी। मगरमच्छ की पत्नी ने मीठे जामुन खाकर बंदर का कलेजा खाने की जिद की। मगरमच्छ ने बंदर को पीठ पर बैठाकर नदी के बीच ले जाकर सच्चाई बता दी।

बंदर घबराया नहीं। उसने तुरंत बुद्धि लगाई और कहा, “अरे मित्र! तुमने पहले क्यों नहीं बताया? मैं तो अपना कलेजा पेड़ की डाल पर ही सुरक्षित रख आया हूँ! चलो जल्दी वापस चलो, मैं कलेजा लेकर आता हूँ।”

मूर्ख मगरमच्छ बंदर को वापस किनारे ले आया। किनारे पहुँचते ही बंदर छलांग लगाकर पेड़ पर चढ़ गया और बोला, “मूर्ख! कलेजा भी कोई पेड़ पर रखता है क्या? तुमने मित्रता में विश्वासघात किया, अब कभी लौटकर मत आना!”

💡 सीख: घोर संकट में भी शांत रहकर बुद्धि का प्रयोग करने से प्राणों की रक्षा हो सकती है।

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