एक बगीचे में एक सुंदर लाल गुलाब अपनी खूबसूरती पर बड़ा इतराता था और पास खड़े कांटेदार कैक्टस का रोज़ मजाक उड़ाता था। कैक्टस हमेशा चुप रहता था।
गर्मियों में भीषण सूखा पड़ा। बगीचे के सारे पौधे सूखने लगे। सुंदर गुलाब भी पानी की कमी से मुरझा गया। तभी गुलाब ने देखा कि एक चिड़िया आकर कैक्टस के तने में चोंच मार रही है और ताजा मीठा पानी पीकर खुशी से चहक रही है!
गुलाब ने शर्मिंदा होकर कैक्टस से पानी मांगा। कैक्टस ने बिना किसी द्वेष के गुलाब को जी भरकर पानी पिलाया और उसकी जान बचा ली। गुलाब का घमंड चूर-चूर हो गया।
💡 सीख: किसी को उसकी बाहरी बनावट से न आंकें। संकट के समय काम आने वाला ही सच्चा मित्र होता है।