विश्वविजय पर निकले सम्राट सिकंदर की भेंट एक मस्तमौला फकीर से हुई। सिकंदर ने कहा, “मांगो फकीर! मैं पूरी दुनिया का मालिक हूँ, जो मांगोगे वही दे दूँगा।”
फकीर ने मुस्कुरा कर पूछा, “सिकंदर! अगर तुम किसी रेगिस्तान में फंस जाओ और प्यास से तुम्हारी जान निकलने लगे, तो एक गिलास पानी के लिए तुम मुझे क्या दोगे?”
सिकंदर ने कहा, “मैं अपना आधा राज्य दे दूँगा।”
फकीर ने पूछा, “और अगर फिर भी पानी न मिले तो?”
सिकंदर बोला, “तो मैं अपनी जान बचाने के लिए अपना पूरा साम्राज्य दे दूँगा!”
फकीर जोर से हंसा और बोला: “जिस साम्राज्य की कीमत सिर्फ एक गिलास पानी के बराबर है, उस पर तुम इतना घमंड क्यों कर रहे हो सिकंदर?” सिकंदर का सारा अहंकार चूर-चूर हो गया।
💡 सीख: दौलत और शोहरत नश्वर हैं। जीवन का असली धन दया, प्रेम और आत्मा की शांति है।