1. “शीशा और दिल दोनों की तकदीर एक जैसी होती है साहब,
एक पत्थर से टूटता है और दूसरा अपनों की बातों से।”
2. “हमने तो चाहा था उन्हें अपनी जान से भी ज्यादा,
मगर वो हमें खिलौना समझकर खेलना छोड़ गए।”
1. “शीशा और दिल दोनों की तकदीर एक जैसी होती है साहब,
एक पत्थर से टूटता है और दूसरा अपनों की बातों से।”
2. “हमने तो चाहा था उन्हें अपनी जान से भी ज्यादा,
मगर वो हमें खिलौना समझकर खेलना छोड़ गए।”