एक वृद्ध किसान के चार बेटे थे जो आपस में हमेशा लड़ते-झगड़ते रहते थे। बूढ़े किसान ने उन्हें समझाने के लिए एक युक्ति सोची। उसने अपने बेटों को लकड़ियों का एक बंधा हुआ गट्ठर दिया और उसे तोड़ने के लिए कहा।
चारों बेटों ने पूरी ताकत लगाई लेकिन कोई भी उस गट्ठर को तोड़ नहीं पाया। फिर पिता ने गट्ठर की रस्सी खोल दी और एक-एक लकड़ी चारों के हाथ में दी। चारों ने एक पल में अपनी-अपनी लकड़ी तोड़ दी।
पिता ने कहा, “मेरे बच्चों! जब तक तुम चारों इस गट्ठर की तरह एकजुट रहोगे, दुनिया की कोई ताकत तुम्हें नुकसान नहीं पहुँचा सकती। लेकिन जिस दिन तुम अलग-अलग हो गए, शत्रु तुम्हें आसानी से तोड़ देंगे।”
💡 सीख: संगठन में ही असली शक्ति है। परिवार और समाज में एकजुटता ही सबसे बड़ा कवच है।