पतझड़ के बाद बहार: नई उम्मीद पर हिंदी कविता | Hope after Winter Poem in Hindi
सूखे पत्ते गिर जाने दो, शाखों को रोने मत दो, दर्द का मौसम बीत चुका है, उम्मीद को खोने मत …
सूखे पत्ते गिर जाने दो, शाखों को रोने मत दो, दर्द का मौसम बीत चुका है, उम्मीद को खोने मत …