Short Story in Hindi

Short story in hindI

Short Story in Hindi – किसान और जादुई पेड़

Short story in hindi,किसान और जादुई पेड़


एक बार की बात है, एक छोटे से गाँव में एक किसान रहता था। किसान बहुत मेहनती था और वह अपनी फसलों की बहुत अच्छी देखभाल करता था। एक दिन, किसान को अपनी खेत में कुछ चमचमाते हुए सिक्के मिले। किसान को बहुत खुशी हुई और उसने उन सिक्कों को इकट्ठा करके अपने घर में रख लिया।

कुछ दिनों बाद, किसान की पत्नी ने उन सिक्कों को देखा और उसने किसान से पूछा कि वे कहाँ से मिले हैं। किसान ने अपनी पत्नी को सारी बात बताई। किसान की पत्नी ने उन सिक्कों को गिनती और उन्हें पता चला कि वे बहुत सारे हैं। किसान की पत्नी ने किसान से कहा कि वे उन सिक्कों को बेचकर कुछ अच्छा कर सकते हैं।

किसान की पत्नी की बात सुनकर किसान को बहुत अच्छा लगा। किसान ने अपनी पत्नी से कहा कि वे उन सिक्कों को बेचकर एक नया घर बनाएंगे। किसान की पत्नी को यह विचार बहुत अच्छा लगा और उन्होंने मिलकर एक नया घर बनाने की योजना बनाई।

किसान और उसकी पत्नी ने मिलकर एक बहुत ही सुंदर घर बनाया। उनके घर में कई कमरे थे और एक बड़ा सा बगीचा भी था। किसान और उसकी पत्नी अपने नए घर में बहुत खुश थे।

एक दिन, किसान और उसकी पत्नी अपने घर में बैठे थे कि उन्हें एक आवाज सुनाई दी। आवाज ने कहा, “किसान, तुम बहुत मेहनती हो और तुम अपने घर की बहुत अच्छी देखभाल करते हो। इसलिए, मैं तुम्हें एक तोहफा देना चाहता हूँ।”

आवाज ने कहा कि किसान के बगीचे में एक जादुई पेड़ है। उस पेड़ पर हर साल एक सुनहरा फल लगता है। अगर किसान उस फल को खाएगा तो वह कभी बूढ़ा नहीं होगा।

किसान और उसकी पत्नी को यह सुनकर बहुत खुशी हुई। वे अपने बगीचे में गए और जादुई पेड़ को देखा। पेड़ पर एक सुनहरा फल लगा था। किसान ने उस फल को तोड़ा और खा लिया।

किसान और उसकी पत्नी हमेशा खुश रहे। वे अपने घर में आराम से रहते थे और कभी बूढ़े नहीं हुए।

Short Story in Hindi – दयालु बुढ़िया

दयालु बुढ़िया


एक बार की बात है, एक छोटे से गाँव में एक बुढ़िया रहती थी। वह बहुत ही गरीब थी और उसके पास रहने के लिए एक छोटी सी झोपड़ी थी। उसके पास खाने के लिए भी बहुत कम था। लेकिन, वह बहुत ही दयालु और नेकदिल महिला थी। वह हमेशा दूसरों की मदद करने के लिए तैयार रहती थी।

एक दिन, बुढ़िया जंगल में लकड़ी लेने गई। रास्ते में, उसने एक छोटे से बच्चे को रोते हुए देखा। वह बच्चा भटक गया था और उसे अपना घर नहीं मिल रहा था। बुढ़िया ने बच्चे को रोते हुए देखा तो उसका दिल पिघल गया। उसने बच्चे को अपने घर ले जाने का फैसला किया।

बुढ़िया ने बच्चे को अपना नाम बताया और उससे पूछा कि उसका नाम क्या है और वह कहाँ रहता है। बच्चे ने बताया कि उसका नाम राजू है और वह पास के गाँव में रहता है। बुढ़िया ने राजू को खाना खिलाया और उसे सुला दिया। अगले दिन सुबह, बुढ़िया राजू को उसके घर ले गई। राजू के माता-पिता उसे देखकर बहुत खुश हुए। उन्होंने बुढ़िया का बहुत-बहुत धन्यवाद किया।

बुढ़िया के अच्छे कामों की खबर पूरे गाँव में फैल गई। सभी लोग उसकी दयालुता की प्रशंसा करते थे। एक दिन, गाँव के मुखिया ने बुढ़िया को बुलाया और उसे बताया कि वह पूरे गाँव की तरफ से उसे धन्यवाद देना चाहता है। उसने बुढ़िया को एक नई झोपड़ी और कुछ पैसे दिए।

बुढ़िया बहुत खुश थी। उसने मुखिया का धन्यवाद किया और कहा कि वह हमेशा दूसरों की मदद करने के लिए तैयार रहेगी। बुढ़िया के इस अच्छे काम से गाँव के सभी लोगों को सीख मिली कि हमेशा दूसरों की मदद करनी चाहिए।


Short Story in Hindi – एक छोटा सा गाँव और एक दयालु दिल

एक छोटा सा गाँव और एक दयालु दिल

एक बार की बात है, भारत के एक छोटे से गाँव में एक बुढ़िया रहती थी। उसका नाम सुशीला था। वह बहुत ही दयालु और नेकदिल महिला थी। वह हमेशा दूसरों की मदद करने के लिए तैयार रहती थी। सुशीला के पास रहने के लिए एक छोटी सी झोपड़ी थी और उसके पास खाने के लिए भी बहुत कम था। लेकिन, वह कभी भी किसी से मदद नहीं मांगती थी। वह हमेशा अपने आप से ही काम करना पसंद करती थी।

सुशीला गाँव के सभी लोगों से बहुत प्यार करती थी। वह उन सभी की मदद करती थी जो मदद की जरूरत थी। वह उनके लिए खाना बनाती थी, उनके कपड़े धोती थी और उनके बच्चों की देखभाल करती थी। गाँव के सभी लोग सुशीला को बहुत मानते थे।

एक दिन, गाँव के पास के जंगल में आग लग गई। आग बहुत तेजी से फैल रही थी और गाँव के लोग बहुत डर गए थे। उन्होंने सोचा कि अब उनका गाँव जलकर राख हो जाएगा। लेकिन, सुशीला ने उनसे कहा कि घबराओ मत, मैं आग बुझाने में मदद करूँगी।

सुशीला ने तुरंत ही कुछ बाल्टियाँ और एक कुल्हाड़ी उठाई और जंगल की ओर चल पड़ी। गाँव के कुछ लोग भी उसके साथ गए। उन्होंने मिलकर आग बुझाने की कोशिश की।

कई घंटों की मेहनत के बाद, आग बुझाने में सफलता मिली। गाँव के लोग सुशीला से बहुत खुश थे। उन्होंने उसे धन्यवाद दिया और कहा कि वह उनकी जिंदगी की रक्षा करने वाली देवी है।

सुशीला ने गाँव के लोगों से कहा कि यह मेरा काम नहीं है, यह मेरा कर्तव्य है। मैं हमेशा दूसरों की मदद करने के लिए तैयार हूँ।

सुशीला की दयालुता की खबर पूरे इलाके में फैल गई। सभी लोग उसकी प्रशंसा करते थे। वह गाँव के सभी लोगों के लिए एक प्रेरणा थी।

सुशीला ने अपने पूरे जीवन में दूसरों की मदद की। वह एक महान इंसान थी। उसकी दयालुता हमेशा याद रखी जाएगी।

कहानी से सीख

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हमें हमेशा दूसरों की मदद करनी चाहिए। दूसरों की मदद करने से हमारा दिल खुश होता है और हमें आत्मसंतुष्टि मिलती है। हमें कभी भी किसी की मदद करने में नहीं कंजूसी करनी चाहिए। हमेशा याद रखिए कि एक छोटी सी मदद किसी की जिंदगी बदल सकती है।

Short Story in Hindi – जादुई गाय

जादुई गाय


एक बार की बात है, एक छोटे से गाँव में रहने वाले किसान के पास एक जादुई गाय थी। यह गाय हर सुबह उसे दूध से भरा हुआ बर्तन देती थी, जिससे उसका परिवार हमेशा खुशहाल रहता था।

किसान अपनी इस जादुई गाय से बहुत प्यार करता था और उसकी बहुत अच्छी देखभाल करता था। वह हर सुबह उसे ताजा घास और पानी देता था और उसे कभी भी काम नहीं करने देता था।

एक दिन, किसान की गाय को पता चला कि गाँव के पास के जंगल में एक बड़ा मेला लग रहा है। वह मेले में जाकर बहुत सारे लोगों को देखना चाहती थी और वहाँ की खूबसूरत चीज़ों को खरीदना चाहती थी।

किसान ने अपनी गाय को मेले में जाने की अनुमति नहीं दी, क्योंकि वह डरता था कि वहाँ उसे कोई नुकसान पहुँचा देगा। लेकिन गाय बहुत जिद्दी थी और वह किसान को मनाने में कामयाब हो गई।

अगले दिन, किसान अपनी गाय को लेकर मेले में गया। वहाँ जाकर गाय बहुत खुश हो गई। उसने वहाँ बहुत सारे लोगों को देखा और बहुत सारी खूबसूरत चीज़ें खरीदीं।

लेकिन कुछ समय बाद, गाय को भूख लग गई और वह घास खाने के लिए एक पेड़ के नीचे चली गई। वहाँ उसे एक बड़ा साँप दिखाई दिया। साँप ने गाय पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन गाय ने उसे अपने सींगों से मार डाला।

साँप का मारना देखकर वहाँ मौजूद सभी लोग बहुत डर गए और वे गाय को मारने के लिए उस पर हमला करने लगे। लेकिन गाय बहुत तेजी से भाग गई और वह जंगल में जाकर छिप गई।

किसान अपनी गाय को नहीं ढूंढ पाया और वह बहुत दुखी हो गया। वह हर सुबह अपनी गाय को दूध देने के लिए जंगल में जाता था, लेकिन वह उसे कभी नहीं ढूंढ पाया।

एक दिन, किसान जंगल में घूम रहा था तो उसने अपनी गाय को एक पेड़ के नीचे बैठे हुए देखा। वह बहुत खुश हुआ और वह गाय के पास गया और उसे गले से लगा लिया।

गाय ने किसान को बताया कि वह जंगल में बहुत खुश है और वह यहाँ रहना चाहती है। किसान ने अपनी गाय को मनाने की बहुत कोशिश की, लेकिन गाय नहीं मानी।

आखिरकार, किसान को अपनी गाय की इच्छा का सम्मान करना पड़ा। वह गाय को जंगल में ही छोड़कर वापस अपने घर चला गया।

किसान अपनी गाय को बहुत याद करता था, लेकिन वह जानता था कि वह जंगल में खुश है। इसलिए, वह हर सुबह गाय को दूध देने के लिए जंगल में जाता था और वह उससे बहुत खुश होता था।


Short Story in Hindi – एक दयालु राजकुमारी की कहानी

एक दयालु राजकुमारी की कहानी

एक बार की बात है, एक दूर के राज्य में एक दयालु राजकुमारी थी। राजकुमारी का नाम सोनाक्षी था। वह बहुत सुंदर और बुद्धिमान थी। सोनाक्षी हमेशा दूसरों की मदद करने के लिए तैयार रहती थी। वह अपने राज्य के लोगों से बहुत प्यार करती थी।एक दिन, सोनाक्षी ने देखा कि एक बूढ़ा आदमी भारी बोझ लेकर चल रहा है। बूढ़ा आदमी बहुत थक गया था और वह चल नहीं पा रहा था। सोनाक्षी ने बूढ़े आदमी से पूछा, “क्या मैं आपकी मदद कर सकती हूँ?” बूढ़े आदमी ने कहा, “हाँ, कृप्या, मुझे मेरा सामान घर ले जाने में मदद करें।” सोनाक्षी ने बूढ़े आदमी के सामान को उठा लिया और उसे उसके घर ले गई।

बूढ़ा आदमी सोनाक्षी से बहुत आभारी था। उसने कहा, “आप बहुत दयालु राजकुमारी हैं। आपका धन्यवाद।” सोनाक्षी ने मुस्कुराकर कहा, “कोई बात नहीं। मुझे दूसरों की मदद करने में खुशी होती है।”

सोनाक्षी की दयालुता के बारे में पूरे राज्य में चर्चा हो गई। लोग सोनाक्षी को बहुत प्यार करते थे। वे कहते थे, “हमारी राजकुमारी बहुत दयालु है। वह हमेशा दूसरों की मदद करने के लिए तैयार रहती है।”

सोनाक्षी की दयालुता की कहानी हमें यह सिखाती है कि हमें हमेशा दूसरों की मदद करनी चाहिए। हमें कभी भी किसी को अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। हमें हमेशा दूसरों के साथ प्यार और दया से पेश आना चाहिए। अगर हम सब एक-दूसरे की मदद करेंगे, तो यह दुनिया एक बेहतर जगह बन जाएगी।

Short Story in Hindi – एक अनोखी दोस्ती की कहानी

एक अनोखी दोस्ती की कहानी

एक बार की बात है, एक छोटे से गाँव में एक गरीब किसान रहता था। उसका नाम लालू था। लालू बहुत मेहनती था और हर दिन खेत में काम करता था। वह अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ एक छोटी सी झोपड़ी में रहता था।

लालू के पास बहुत कम पैसा था, लेकिन वह हमेशा खुश रहता था। वह अपने परिवार से बहुत प्यार करता था और उनके लिए सब कुछ करने के लिए तैयार था।

एक दिन, लालू खेत में काम कर रहा था, जब उसने एक छोटी सी पक्षी को जमीन पर गिरते हुए देखा। पक्षी के पैर में चोट लगी थी और वह उड़ नहीं पा रहा था। लालू ने पक्षी को उठाया और उसे अपने घर ले गया।

लालू ने पक्षी का बहुत ख्याल रखा। उसने पक्षी के पैर को ठीक किया और उसे रोज़ खाना दिया। कुछ दिनों बाद, पक्षी ठीक हो गया और वह फिर से उड़ने लगा।

पक्षी लालू से बहुत खुश था और उसने लालू का शुक्रिया अदा करने के लिए एक छोटी सी सीटी दी। लालू ने सीटी को अपनी झोपड़ी के बाहर लटका दिया।

हर दिन, पक्षी लालू की झोपड़ी के बाहर आकर सीटी बजाता था। लालू और उसके परिवार को पक्षी की सीटी सुनकर बहुत खुशी होती थी।

एक दिन, लालू खेत में काम कर रहा था, जब उसने एक बड़े से साँप को देखा। साँप लालू पर हमला करने के लिए तैयार था। लालू बहुत डर गया, लेकिन वह नहीं भाग सका।

तभी, लालू ने पक्षी की सीटी सुनी। पक्षी ने बड़े से साँप को देखा और उस पर झपट पड़ा। साँप बहुत डर गया और वह भाग गया।

लालू पक्षी का बहुत शुक्रिया अदा किया। उसने महसूस किया कि पक्षी उसकी जान बचा ले गया है।

उस दिन से, लालू और पक्षी बहुत अच्छे दोस्त बन गए। वे हर दिन साथ खेलते थे और एक-दूसरे का साथ बहुत पसंद करते थे।

लालू ने सीखा कि भले ही आप गरीब हों, लेकिन आपके पास हमेशा दोस्त बनाने का मौका होता है। और कभी-कभी, ये दोस्त आपके जीवन को बदल सकते हैं।

Short Story in Hindi – एक अविस्मरणीय दोस्ती

एक अविस्मरणीय दोस्ती

एक बार की बात है, एक सुंदर सा शहर था जहाँ हर कोई सुख से रहता था। शहर के बीच में एक बड़ा सा बगीचा था जहाँ बच्चे खेलते थे, बूढ़े लोग बैठकर बातें करते थे और युवा प्रेमी घूमते फिरते थे।

एक दिन, एक अजीब सी घटना घटी। बगीचे के बीच में एक जादुई कुआँ दिखाई दिया। कुआँ बहुत ही गहरा था और उसका पानी चमक रहा था।

शहर के लोगों को कुआँ बहुत अजीब लगा और वे उससे दूर रहने लगे। लेकिन कुछ बच्चे थे जो बहुत जिज्ञासु थे। वे कुएँ के पास गए और उसमें झाँकने लगे।

तभी, अचानक कुएँ के अंदर से एक अजीब सी आवाज़ आई। आवाज़ बहुत ही मधुर थी और वह कह रही थी, “मुझे बाहर निकालो।”

बच्चे बहुत डर गए, लेकिन वे अजीब सी आवाज़ को सुनकर उसका पता लगाना चाहते थे। उन्होंने एक लंबी रस्सी ली और कुएँ में फेंक दी।

कुछ देर बाद, रस्सी के सिरे पर एक छोटी सी लड़की दिखाई दी। लड़की बहुत ही सुंदर थी और उसके पास जादुई शक्तियाँ थीं।

लड़की ने बच्चों को बताया कि वह कुएँ में कैद थी और वह बहुत दिनों से बाहर नहीं निकल सकी थी। उसने बच्चों से कहा कि वह उनकी मदद करेगी अगर वे उससे दोस्ती करेंगे।

बच्चे लड़की से बहुत खुश हुए और उन्होंने उससे दोस्ती करने का वादा किया। लड़की ने बच्चों को जादू करना सिखाया और उन्हें बहुत से खिलौने दिए।

बच्चे हर दिन कुएँ के पास जाते थे और लड़की के साथ खेलते थे। वे लड़की से बहुत प्यार करते थे और वह उनकी सबसे अच्छी दोस्त बन गई।

एक दिन, बच्चों ने लड़की से पूछा कि वह कुएँ में कैसे कैद हुई। लड़की ने उन्हें बताया कि वह एक जादुई परिवार से ताल्लुक रखती है और वह एक दुष्ट जादूगर से बचने के लिए कुएँ में छिप गई थी।

बच्चे दुष्ट जादूगर से बहुत डर गए, लेकिन उन्होंने लड़की से कहा कि वे उससे लड़ने में उसकी मदद करेंगे। लड़की ने बच्चों को शुक्रिया अदा किया और उन्हें बताया कि वह उन पर हमेशा भरोसा करेगी।

एक रात, दुष्ट जादूगर कुएँ के पास आया और लड़की को ढूँढने लगा। बच्चों ने जादू का इस्तेमाल करके दुष्ट जादूगर को पकड़ लिया और उसे कुएँ में फेंक दिया।

लड़की बहुत खुश हुई और उसने बच्चों को जादुई उपहार दिए। उसने बच्चों को बताया कि वह अब जादुई दुनिया में वापस जा सकती है और वह उन्हें कभी नहीं भूलेगी।

बच्चे बहुत दुखी थे, लेकिन वे जानते थे कि लड़की को जादुई दुनिया में वापस जाना चाहिए। उन्होंने लड़की को अलविदा कहा और उसे शुभकामनाएँ दीं।

लड़की जादुई दुनिया में वापस चली गई और बच्चे उसके बारे में सोचते हुए बड़े हुए। वे हमेशा लड़की की दोस्ती को याद रखेंगे और वह हमेशा उनके दिल में रहेगी।

Short Story in Hindi – बूढ़ी औरत का सपना

बूढ़ी औरत का सपना

एक बार की बात है, एक बड़े से जंगल के बीच में एक छोटा सा गाँव था। गाँव के लोगों का जीवन बहुत ही साधारण था और वे जंगल से मिलने वाली चीजों से अपना जीवनयापन करते थे।

गाँव में एक बुद्धिमान बूढ़ी औरत रहती थी। उसका नाम राजो था। राजो बहुत ही दयालु थी और गाँव के लोगों का बहुत ख्याल रखती थी।

एक दिन, राजो ने देखा कि गाँव के लोग जंगल के जानवरों से बहुत डरते हैं। वे जानवरों को मार कर खा जाते थे और उनके बच्चों को भी मार देते थे।

राजो को यह बात बहुत बुरी लगी और उसने गाँव के लोगों को समझाने की कोशिश की कि जानवरों को भी जीने का अधिकार है। लेकिन गाँव के लोग राजो की बात नहीं सुनते थे।

एक रात, राजो ने एक सपना देखा। उसने सपने में देखा कि एक बड़ा सा जानवर उससे कह रहा है, “हम तुमसे बहुत डरते हैं। तुम हमें मार कर खा जाते हो और हमारे बच्चों को भी मार देते हो। हम तुमसे सिर्फ शांति से रहना चाहते हैं।”

राजो ने यह सपना देखा तो वह बहुत दुखी हुई। उसने गाँव के लोगों को यह सपना बताया और उनसे कहा कि जानवरों को भी जीने का अधिकार है।

गाँव के लोग राजो की बात सुनकर हैरान रह गए। उन्होंने सोचा कि राजो पागल हो गई है। लेकिन राजो ने हार नहीं मानी। वह हर दिन गाँव के लोगों को जानवरों के बारे में समझाती रही।

एक दिन, गाँव के लोगों ने देखा कि एक बड़ा सा जानवर जंगल से बाहर निकला है और वह बहुत डरा हुआ है। जानवर ने गाँव के लोगों से मदद माँगी और कहा कि उसके बच्चों को बचा लो।

गाँव के लोग जानवर की बात सुनकर हैरान रह गए। उन्होंने सोचा कि जानवर कैसे बोल सकता है? लेकिन वे जानवर की बात सुनने लगे।

जानवर ने गाँव के लोगों को बताया कि उसके बच्चों को एक शिकारी ने पकड़ लिया है। उसने गाँव के लोगों से मदद माँगी और कहा कि अगर वे उसके बच्चों को बचा लेंगे तो वह उनका बहुत शुक्रिया अदा करेगा।

गाँव के लोग जानवर की बात सुनकर बहुत दयालु हो गए। उन्होंने जानवर के साथ जंगल में गए और शिकारी को मार कर उसके बच्चों को बचा लिया।

जानवर बहुत खुश हुआ और उसने गाँव के लोगों का बहुत शुक्रिया अदा किया। उसने गाँव के लोगों को कहा कि वह अब उनसे नहीं डरेगा और वह उनकी मदद करेगा अगर उन्हें कभी कोई परेशानी हो।

गाँव के लोग भी बहुत खुश हुए और उन्होंने जानवर से माफी माँगी कि उन्होंने पहले उससे और उसके परिवार से गलत व्यवहार किया है।

उस दिन से, गाँव के लोगों और जानवरों के बीच बहुत अच्छी दोस्ती हो गई। वे अब एक-दूसरे का बहुत ख्याल रखते थे और एक-दूसरे की मदद करते थे।

गाँव के लोग सीख गए कि हर किसी को जीने का अधिकार है और हमें सभी से प्यार और सम्मान से पेश आना चाहिए।

Short Story in Hindi – किसान और जादुई अंगूठी

किसान और जादुई अंगूठी

एक बार एक छोटे से गाँव में एक गरीब किसान रहता था। उसके पास बहुत कम ज़मीन थी और वह बहुत मेहनत करता था, लेकिन उसके पास कभी भी पर्याप्त पैसा नहीं होता था। एक दिन, वह अपने खेत में काम कर रहा था जब उसने देखा कि एक बड़ा साँप उसके खेत में घुस रहा है। किसान बहुत डर गया और उसने साँप पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। साँप भाग गया, लेकिन किसान ने देखा कि उसने अपने मुँह में कुछ पकड़ रखा है। किसान को लगा कि यह कोई कीमती चीज़ है, इसलिए वह साँप के पीछे भागा।

साँप एक घने जंगल में भाग गया और किसान ने भी उसका पीछा किया। जंगल के अंदर बहुत अंधेरा था और किसान को रास्ता नहीं दिख रहा था। वह घबरा गया और सोचने लगा कि वह खो गया है। अचानक, उसने एक झिलमिलाती रोशनी देखी। वह रोशनी के पीछे भागा और उसने देखा कि एक सुंदर परी एक पेड़ के नीचे बैठी है। परी ने किसान को बताया कि वह एक जादुई परी है और वह किसान की मदद करना चाहती है। उसने किसान को बताया कि साँप के मुँह में एक जादुई अंगूठी है जो उसे बहुत अमीर बना देगी।

किसान बहुत खुश हुआ और उसने परी को धन्यवाद दिया। परी ने किसान को बताया कि वह अंगूठी को कैसे इस्तेमाल करना है और फिर वह गायब हो गई। किसान ने अंगूठी को पहन लिया और वह तुरंत ही बहुत अमीर बन गया। उसने अपने गाँव में एक बड़ा सा घर बनाया और वह बहुत खुश था। किसान ने अपनी सारी ज़िंदगी आराम से गुज़ारी और वह हमेशा परी का आभारी रहा।

Short Story in Hindi – ज़िन्दगी का सफर

ज़िन्दगी का सफर

एक बार की बात है, एक छोटे से गाँव में एक गरीब किसान रहता था। उसके पास एक छोटी सी झोपड़ी और कुछ खेत थे। वह बहुत मेहनती था और अपने खेतों की बहुत अच्छी तरह से देखभाल करता था। हालाँकि, वह बहुत गरीब था और उसके पास खाने के लिए बहुत कम था।एक दिन, किसान अपने खेत में काम कर रहा था जब उसने देखा कि एक चिड़िया घायल होकर जमीन पर गिर गई है। किसान ने चिड़िया को उठाया और उसे अपने घर ले गया। उसने चिड़िया का घाव साफ किया और उसे कुछ खाना और पानी दिया।

कुछ दिनों के बाद, चिड़िया ठीक हो गई और वह उड़कर चली गई। किसान बहुत खुश था कि उसने चिड़िया की जान बचाई है।

अगले दिन, किसान अपने खेत में काम कर रहा था जब उसने देखा कि एक गाय उसके खेत में घुस गई है और उसके फसलों को खा रही है। किसान बहुत गुस्से में था और वह गाय को भगाने के लिए दौड़ा।

लेकिन गाय बहुत बड़ी थी और वह किसान को भाग नहीं पाया। किसान बहुत निराश था और वह सोचने लगा कि अब वह क्या करेगा।

अचानक, किसान ने देखा कि चिड़िया वापस आ गई है। चिड़िया ने गाय के पास उड़ान भरी और उसे कुछ कहने लगी। गाय ने चिड़िया की बात सुनी और वह खेत से बाहर चली गई।

किसान बहुत हैरान था कि चिड़िया ने गाय को कैसे भगा दिया। वह चिड़िया के पास गया और उसका शुक्रिया अदा किया।

उस दिन से, किसान और चिड़िया अच्छे दोस्त बन गए। किसान हर दिन चिड़िया को खाना और पानी देता था और चिड़िया किसान के खेतों की रक्षा करती थी।किसान ने सीखा कि भले ही आप गरीब हों, लेकिन दूसरों की मदद करने से हमेशा फायदा होता है। और जब आप दूसरों की मदद करते हैं, तो वे भी आपकी मदद करेंगे।

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