Moral Story In Hindi – एक गरीब लड़का

Moral Story In Hindi – एक गरीब लड़का

एक बार की बात है, एक गांव में एक बहुत ही गरीब लड़का रहता था। उसका नाम रामू था। रामू का पिता एक मजदूर था, जो रोजाना बहुत मेहनत करके थोड़ा-सा पैसा कमाता था। रामू की मां एक घरेलू महिला थी, जो अपने परिवार की देखभाल करती थी। रामू के पास कोई भाई-बहन नहीं थे।

Moral Story In Hindi

रामू को पढ़ने-लिखने का बहुत शौक था, लेकिन उसके पिता के पास उसकी पढ़ाई के लिए पैसे नहीं थे। इसलिए, रामू गांव के एक सरकारी स्कूल में जाता था, जहां उसे मुफ्त में पढ़ाया जाता था। रामू अपने स्कूल में बहुत ही अच्छा पढ़ाई करता था, और उसके शिक्षक और साथी विद्यार्थी उसकी प्रशंसा करते थे। रामू का सपना था कि वह एक दिन एक बड़ा आदमी बनकर अपने परिवार की हालत सुधारे।

एक दिन, रामू के स्कूल में एक विशेष अतिथि आया। वह एक बड़ा व्यापारी था, जिसका नाम राजेश था। राजेश ने स्कूल के बच्चों को अपनी सफलता की कहानी सुनाई, और उन्हें प्रेरित किया। राजेश ने बताया कि वह भी एक गरीब परिवार से आता है, लेकिन उसने अपनी मेहनत और लगन से अपना व्यापार बनाया है। राजेश ने बच्चों को यह भी बताया कि वह अपने गांव के लिए कुछ करना चाहता है, और इसलिए वह उनके स्कूल को एक नया भवन बनाने का वादा करता है।

रामू ने राजेश की बातें ध्यान से सुनी, और उसे बहुत प्रभावित किया। रामू ने सोचा कि वह भी राजेश की तरह एक बड़ा व्यापारी बनना चाहता है, और अपने गांव के लिए कुछ करना चाहता है। रामू ने राजेश से मिलने का मन बनाया, और उससे अपने सपने के बारे में बताया। राजेश ने रामू को देखकर खुश हुआ, और उसे अपना साथी बनाने का प्रस्ताव किया। राजेश ने कहा कि वह रामू को अपने साथ शहर ले जाएगा, और उसे अपने व्यापार का हिस्सा बनाएगा। राजेश ने रामू को बहुत सारे पैसे, गाड़ियां, बंगले, और और भी कुछ देने का वादा किया।

रामू को राजेश का प्रस्ताव बहुत आकर्षक लगा, और वह उसे मानने को तैयार हो गया। रामू ने अपने पिता से बात की, और उन्हें राजेश के साथ जाने की इच्छा बताई। रामू का पिता बहुत ही चिंतित हुआ, और उसे राजेश के साथ न जाने की सलाह दी। रामू का पिता ने कहा कि राजेश एक बेईमान और लालची आदमी है, जो रामू को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करेगा। रामू का पिता ने रामू को यह भी बताया कि राजेश ने अपना व्यापार बनाने के लिए बहुत सारे लोगों को ठगा है, और उनके साथ अन्याय किया है। रामू का पिता ने रामू को यह भी समझाया कि पैसे से ज्यादा महत्वपूर्ण है ईमान, नैतिकता, और समाज सेवा।

रामू को राजेश का प्रस्ताव बहुत आकर्षक लगा, और वह उसे मानने को तैयार हो गया। रामू ने अपने पिता से बात की, और उन्हें राजेश के साथ जाने की इच्छा बताई। रामू का पिता बहुत ही चिंतित हुआ, और उसे राजेश के साथ न जाने की सलाह दी। रामू का पिता ने कहा कि राजेश एक बेईमान और लालची आदमी है, जो रामू को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करेगा। रामू का पिता ने रामू को यह भी बताया कि राजेश ने अपना व्यापार बनाने के लिए बहुत सारे लोगों को ठगा है, और उनके साथ अन्याय किया है। रामू का पिता ने रामू को यह भी समझाया कि पैसे से ज्यादा महत्वपूर्ण है ईमान, नैतिकता, और समाज सेवा।

रामू ने अपने पिता की बातों को सुना, लेकिन उसे उन पर विश्वास नहीं हुआ। रामू ने सोचा कि उसका पिता उसे रोकना चाहता है, और उसे अपने सपने को पूरा करने से वंचित करना चाहता है। रामू ने अपने पिता को नाराज कर दिया, और उनसे कहा कि वह राजेश के साथ जाना चाहता है, और उनकी कोई बात नहीं सुनेगा। रामू का पिता बहुत ही दुखी हुआ, और उसने रामू को अपनी आशीर्वाद देकर जाने दिया।

रामू राजेश के साथ शहर चला गया, और उसे अपना साथी बना लिया। राजेश ने रामू को अपने व्यापार का हिस्सा बनाया, और उसे बहुत सारे पैसे, गाड़ियां, बंगले, और और भी कुछ दिया। रामू को लगा कि वह बहुत ही खुश है, और उसने अपना सपना पूरा कर लिया है। लेकिन, रामू को यह नहीं पता था कि राजेश उसे धोखा दे रहा है, और उसके पीछे एक बड़ी साजिश है।

राजेश ने रामू को अपने व्यापार के एक ऐसे हिस्से में शामिल किया, जिसमें वह गांव के लोगों को बेवकूफ बनाता था, और उनसे उनकी जमीन, घर, और अन्य संपत्ति छीन लेता था। राजेश ने रामू को यह बताया कि वह उन लोगों को उनकी मदद कर रहा है, और उन्हें एक बेहतर जीवन दे रहा है। रामू ने राजेश की बातों पर विश्वास कर लिया, और उसने उसके साथ मिलकर गांव के लोगों को लूटना शुरू कर दिया।

Moral Story In Hindi

एक दिन, रामू को अपने गांव का एक आदमी मिला, जिसका नाम श्याम था। श्याम रामू का पुराना दोस्त था, और वह उसके साथ स्कूल में पढ़ता था। श्याम ने रामू को देखकर पहचान लिया, और उससे बात करने का प्रयास किया। लेकिन, रामू ने श्याम को नजरअंदाज कर दिया, और उसे अपना दोस्त नहीं माना। रामू ने श्याम को बताया कि वह अब एक बड़ा व्यापारी है, और उसे उसके जैसे गरीब लोगों से कोई लेना-देना नहीं है। रामू ने श्याम को अपने सामने से हटने को कहा, और उसे धक्का देकर चला गया।

श्याम बहुत ही दुखी हुआ, और उसने रामू को अपना मित्र नहीं माना। श्याम ने रामू को बताया कि वह उसके गांव का एक आदमी है, और वह उसके स्कूल का प्रधानाचार्य है। श्याम ने रामू को यह भी बताया कि वह उसके गांव के लोगों की मदद करने आया है, क्योंकि राजेश ने उनको बहुत नुकसान पहुंचाया है। श्याम ने रामू को यह भी बताया कि राजेश ने उसके गांव के लोगों को झूठे वादे करके उनकी जमीन, घर, और अन्य संपत्ति छीन ली है, और उन्हें बेरोजगार, भूखा, और बेघर कर दिया है। श्याम ने रामू को यह भी बताया कि राजेश ने उसके गांव के स्कूल को भी तोड़ दिया है, और उसके बच्चों को पढ़ाई से वंचित कर दिया है।

रामू ने श्याम की बातों को सुना, और उसे बहुत ही पछतावा हुआ। रामू ने समझा कि वह अपने लालच में अपने गांव, अपने परिवार, और अपने दोस्तों को भूल गया है। रामू ने समझा कि वह अपने सपने के नाम पर अपने ईमान, नैतिकता, और समाज सेवा को खो दिया है। रामू ने समझा कि वह राजेश के साथ मिलकर अपने ही लोगों को लूट रहा है, और उनके साथ अन्याय कर रहा है।

रामू ने अपनी गलती को माना, और उसने श्याम से माफी मांगी। रामू ने श्याम से कहा कि वह राजेश के साथ नहीं रहना चाहता है, और वह अपने गांव वापस आना चाहता है। रामू ने श्याम से कहा कि वह अपने गांव के लोगों की मदद करना चाहता है, और उनकी हालत सुधारना चाहता है। रामू ने श्याम से कहा कि वह अपने गांव के स्कूल को फिर से बनाना चाहता है, और उसके बच्चों को पढ़ाना चाहता है।

श्याम ने रामू को देखकर खुश हुआ, और उसे अपना मित्र माना। श्याम ने रामू को माफ कर दिया, और उसे अपने साथ ले गया। श्याम ने रामू को अपने गांव की ओर ले जाते हुए उसे यह बताया कि वह उसके लिए एक अच्छा काम करने जा रहा है। श्याम ने रामू को यह बताया कि वह उसके गांव के लोगों को राजेश के खिलाफ एक मुकदमा लड़ने के लिए तैयार कर रहा है, और उन्हें उनकी जमीन, घर, और अन्य संपत्ति वापस दिलाने के लिए लड़ रहा है। श्याम ने रामू को यह भी बताया कि वह उसके गांव के स्कूल को फिर से बनाने के लिए एक नया भवन दान करने जा रहा है, और उसके बच्चों को पढ़ाने के लिए एक नया शिक्षक भर्ती करने जा रहा है।

रामू ने श्याम की बातों को सुना, और उसे बहुत ही आभारी महसूस हुआ। रामू ने श्याम को धन्यवाद कहा, और उसे अपना सच्चा मित्र माना। रामू ने श्याम के साथ मिलकर अपने गांव के लोगों की मदद की, और उनकी हालत सुधारी। रामू ने श्याम के साथ मिलकर अपने गांव के लोगों की मदद की, और उनकी हालत सुधारी। रामू ने श्याम के साथ मिलकर अपने गांव के स्कूल को फिर से बनाया, और उसके बच्चों को पढ़ाया। रामू ने अपनी मेहनत और लगन से अपनी पढ़ाई जारी रखी, और उसने अपने स्कूल के टॉपर बने। रामू को एक बड़ी कंपनी में नौकरी मिली, और वह अपने परिवार को एक अच्छा जीवन दे सका।

राजेश को अपने कर्मों का फल मिला, और वह अपने व्यापार में बर्बाद हो गया। राजेश को अपने गांव के लोगों से मुकदमा हारना पड़ा, और वह उन्हें उनकी जमीन, घर, और अन्य संपत्ति वापस करना पड़ा। राजेश को अपने धोखे और लूट के लिए जेल भी जाना पड़ा, और वह अपने जीवन का शेष भाग अकेले और दुखी गुजारना पड़ा।

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि लालच एक बुरी बात है, और वह हमें अपने सच्चे मित्रों और परिवार से दूर कर देता है। हमें अपने सपने को पूरा करने के लिए मेहनत और लगन से काम करना चाहिए, और अपने समाज के लिए कुछ करना चाहिए। हमें अपने ईमान, नैतिकता, और समाज सेवा को कभी नहीं भूलना चाहिए, और अपने मित्रों और परिवार को कभी नहीं ठुकराना चाहिए।

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