एक मगरमच्छ और बंदर की कहानी

एक मगरमच्छ और बंदर की कहानी

समुद्र के किनारे एक विशाल जामुन का पेड़ था, जिस पर एक बंदर रहता था। बंदर जामुन के फलों को खाकर अपना जीवन सुखमय बिता रहा था। एक दिन समुद्र में से एक मगरमच्छ निकलकर किनारे पर आया और धूप सेकने लगा। बंदर ने उसे अपना अतिथि समझकर कुछ जामुन के फल तोड़कर नीचे गिरा दिए। मगरमच्छ ने मीठे जामुन खाकर बड़ी प्रसन्नता व्यक्त की, और फिर बंदर से दोस्ती करने की बात की। बंदर मगरमच्छ से दोस्ती करने को तैयार हो गया।

एक मगरमच्छ और बंदर की कहानी
Image Credit : PInterest

इस प्रकार रोज मगरमच्छ धूप सेकने आता और बंदर रोज उसे मीठे जामुन खिलाता। बंदर कुछ जामुन के फल मगरमच्छ की पत्नी को भी उपहार स्वरूप देता। एक दिन मगरमच्छ की पत्नी ने सोचा कि जो बंदर इतने मीठे फल खाता होगा, उसका हृदय कितना मीठा होगा। उसने अपने मन की बात मगरमच्छ से बताई और उसे बंदर का हृदय लाने के लिए कहा। मगरमच्छ ने अपनी पत्नी की बात मानी और बंदर को अपनी पत्नी के पास ले जाने का नाटक किया।

जब वे समुद्र के बीचोबीच पहुंचे, तो मगरमच्छ ने बंदर को सच्चाई बताई। बंदर ने चतुराई से कहा कि उसने अपना हृदय पेड़ पर छोड़ दिया है और उसे वापस ले जाना होगा। मगरमच्छ ने बंदर को वापस पेड़ तक ले जाया, और बंदर ने मौका पाकर पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचाई।

शिक्षा

चतुराई और सूझबूझ से किसी भी संकट से बचा जा सकता है।

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