Monk Story In Hindi

यह आध्यात्मिक कहानी – Monk Story In Hindi हमें यह सिखाती है कि जीवन की समस्याएं हमारे अंदर छिपी होती हैं, और सही दृष्टिकोण और सोच के साथ ही हम उनका समाधान पा सकते हैं। इस कहानी (Monk Story In Hindi) के माध्यम से हमें यह बताया जाता है कि सभी समस्याएं जीवन का हिस्सा हैं, लेकिन इनका समाधान हमारी आत्मा में ही छिपा होता है। आत्मा के साक्षात्कार से ही हम वास्तविक सुख और शांति का अनुभव कर सकते हैं। Monk Story In Hindi बताती है कि सभी समस्याएं आत्मा के साक्षात्कार के माध्यम से ही हल हो सकती हैं, और जीवन को उच्चतम अद्वितीय स्थिति में पहुंचाने के लिए आत्मा के साथ संबंध स्थापित करना महत्वपूर्ण है।

Monk Story In Hindi

Monk Story In Hindi – मन को शांत करने का मंत्र

हम सबके जीवन में बहुत सारी समस्याएं हैं। कुछ समस्याएं छोटे समय के लिए होती हैं जो आज शुरू हुई और आज ही खत्म हो गई। कुछ समस्याएं थोड़े लंबे समय के लिए रुकती हैं जो आज उत्पन्न हुई और कुछ समय आपके जीवन में रहकर चली जाती हैं। कुछ समस्याएं दीर्घावधि होती हैं जो एक बार जीवन में आ गई तो लगभग पूरे जीवन में वह बनी रहती हैं। इस तरह हमारा पूरा जीवन समस्या बनकर ही रह जाता है। हमारी चिंताओं का कारण भी यही समस्याएं हैं। हम रोज अपनी समस्याओं का समाधान खोजने में लगे रहते हैं।

समस्याओं का समाधान न हो तो चिंताओं का बादल हमें घेर लेता है। इसी तरह हमारा जीवन समस्या ही दिखाई देता है। पर क्या वास्तव में हमारा जीवन एक समस्या है? अगर जीवन समस्या है तो इसे जीकर कोई क्या करेगा? एक कहानी है एक युवक की। जीवन में बहुत सारी समस्याएं थी। काम धंधे को लेकर समस्या, पारिवारिक समस्या, समाजिक समस्या, मान सम्मान और प्रतिष्ठा की समस्या। वह जब भी किसी समस्या को सुलझाता और सोचता कि अब इस समस्या का समाधान हो गया है। अगले ही पल एक दूसरी समस्या उसे दिखाई देने लगती।

बहुत समय तक वह इन समस्याओं का समाधान करता रहा। बाहर की समस्याओं का तो वह समाधान कर भी लेता था, लेकिन पारिवारिक समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा था। उसके दिन की शुरुआत परिवार के किसी न किसी समस्या से ही होती थी। परिवार में रोज कलेश और झगड़े होते रहते थे। व्यक्ति बाहर की समस्याओं को हंसते हंसते झेल सकता है।

उनका समाधान भी कर सकता है। परंतु परिवार की समस्याएं जब सर पर बैठी होती हैं तो वह टूट जाता है। ऐसे ही एक दिन वह व्यक्ति भी टूट गया और अचानक उसके मन में एक खयाल आया। उसने सोचा समस्याएं जीवन में हैं तो जीवन ही समस्या है। तो अगर जीवन समस्या है तो इस समस्या का एक ही समाधान है कि जीवन ना हो।

जीवन नहीं होगा तो सारी समस्याओं का समाधान तुरंत हो जाएगा और कभी कोई समस्या ही नहीं होगी। तब उसे लगा कि उसकी समस्याओं का समाधान तो उसे मिल ही गया। यह सोचकर वह जीवन समाप्त करने के लिए चल पड़ा। वह रास्ते से जा ही रहा था कि तभी उसकी नजर एक साधना कर रहे संन्यासी पर पड़ी। उसने सोचा कि पहले इन संन्यासी से ही पूछ लेता हूं कि जीवन की समस्याएं समाप्त करने के लिए जीवन समाप्त करने का समाधान ठीक रहेगा।

वह संन्यासी के पास पहुंचा और कहा, गुरुदेव, मैं आपसे पूछना चाहता हूं, क्या मैं भूल सकता हूं? गुरु ने कहा, हां, तुम बोल सकते हो। युवक ने कहा, गुरुदेव, मुझे ऐसा लगता है कि जीवन में बहुत सारी समस्याएं हैं और यह समस्याएं इसलिए हैं क्योंकि जीवन है और अगर इन समस्याओं का समाधान करना हो तो वह यही हो सकता है कि समस्याओं के आधार को ही समाप्त कर दिया जाए अर्थात जीवन को समाप्त कर दिया जाए। आप क्या कहना चाहते हैं?

इस बारे में गुरु ने कहा, पहले तो यह समझो कि जीवन कोई समस्या नहीं है। जीवन एक रहस्य है। जिसने जीवन को समस्या समझ लिया, वह जीवन के रहस्य से दूर हो जाता है और ऐसा व्यक्ति जीवन को समस्या मानकर जीवन से दूर होने का प्रयास करने लगता है। जीवन अगर समस्या ही है तो ऐसी कोई समस्या नहीं है जिसका समाधान न हो। तब तुम अपने जीवन की सभी समस्याओं का समाधान कर सकते हो। क्या तुम अपने जीवन की सभी समस्याओं का समाधान कर सके? युवक ने कहा, नहीं गुरुदेव, मैं एक समस्या का समाधान करता हूं तो सामने दूसरी समस्या खड़ी दिखाई देती है।

गुरु ने कहा क्योंकि जीवन समस्या नहीं है। जीवन समस्या होती तो तुम इसका कबका समाधान खोज लेते। युवक ने कहा गुरुदेव मैं आपकी बात समझ नहीं पा रहा हूं। गुरु ने कहा यह बताओ कि अगर किसी व्यक्ति को सोना है पर उस व्यक्ति के पास सोने के लिए चारपाई नहीं है और वह चारपाई पर ही सोना चाहता है तो यह एक समस्या है या रहस्य है? युवक ने कहा, यह तो समस्या है। गुरु ने कहा, क्या इस समस्या का कोई समाधान है?

युवक ने कहा उस व्यक्ति को एक चारपाई का इंतजाम करना होगा। यही इस समस्या का समाधान है। गुरु ने कहा, और अगर चारपाई लेने के बाद उसे एक अच्छे बिस्तर की जरूरत हो तो यह एक रहस्य होगा या समस्या? युवक ने कहा, गुरुदेव, यह एक समस्या ही है। इसका भी समाधान हो सकता है कि वह एक अच्छे बिस्तर का इंतजाम कर ले। गुरु ने कहा, अगर वह व्यक्ति उस बिस्तर को अपनी झोपड़ी में न लगाकर एक महल में लगाकर सोना चाहता है तो यह समस्या है या रहस्य है? युवक ने कहा, यह भी समस्या है और इसका भी समाधान हो सकता है।

गुरु ने कहा, अगर उस व्यक्ति को नींद आ रही हो तो क्या वह चारपाई का इंतजाम करेगा या अच्छे बिस्तर का इंतजाम करेगा या महल का इंतजाम करेगा या जहां जैसी अच्छी स्थिति मिले, वह वहीं सो जाएगा। युवक ने कहा, नींद आ रही है तो जहां जैसी अच्छी स्थिति मिलेगी, वहां व्यक्ति सो ही जाएगा। गुरु ने कहा, और अगर वह यह कहे कि मुझे तो अच्छी चारपाई, अच्छा बिस्तर, अच्छा महल ही चाहिए। तभी मैं सोंगा। तब क्या उसकी समस्या वास्तव में समस्या है और उसका कोई समाधान हो सकता है

युवक सोच में पड़ गया और कहा इस समस्या का समाधान हो तो सकता है परंतु यह तुरंत नहीं होगा और उसे अभी सोना ही होगा। गुरु ने कहा, ठीक ऐसे ही हमारे जीवन में जितनी भी समस्याएं हैं, वास्तव में वह समस्याएं हैं ही नहीं। हम उस समय, जिस समय हमें जो करना चाहिए नहीं करते, बल्कि आने वाले समय को लेकर हमेशा चिंतित रहते हैं और काल्पनिक समस्याओं का निर्माण करते रहते हैं, जबकि अगर वह व्यक्ति यह सोचकर वहीं सो जाए कि उसे नींद आ रही है और उसे सोना है तो उस समय उसके जीवन में कोई समस्या है ही नहीं और अगर उसे अच्छा बिस्तर, अच्छी चारपाई चाहिए तो भविष्य में मिल जाएंगे।

इसके लिए उसे कोशिश करनी चाहिए और कोशिश करने में कोई समस्या नहीं है। युवक ने कहा गुरुदेव समस्या तो समझ में आ गई पर यह रहस्य क्या है जिसकी आप बात कर रहे थे? जीवन का रहस्य गुरु ने कहा चारपाई, बिस्तर, महल, झोपड़ी यह सब समस्याएं हैं। पर जब वह सो जाता है, उसकी नींद एक रहस्य है। नींद जीवन है। क्या तुम नींद का समाधान कर सकते हो?

क्या तुम यह कह सकते हो कि जब मैं चारपाई या महल या अच्छे बिस्तर का इंतजाम कर लूंगा, तभी सोऊंगा। तुम चाह कर भी ऐसा नहीं कर सकते। नींद आती है तो आती है। यह तुम्हारे जीवन का एक रहस्य है और जीवन का एक छोटा सा अंग भी है। इसी तरह नींद के बाद जागना भी एक रहस्य है। जन्म लेकर शरीर बदलते बदलते बुढ़ापे के शरीर का हो जाना एक रहस्य है। शरीर के निष्क्रिय हो जाने के बाद मृत्यु एक रहस्य है। तुम ईश्वर की खोज करते हो और ईश्वर एक रहस्य है। तुम्हारा होना एक रहस्य है।

सच तो यह है तुम्हारा जीवन ईश्वर ही है। तब तुम इस रहस्य को केवल जी सकते हो। इसका उत्तर तुम्हें कभी नहीं मिलेगा, क्योंकि इसका कोई प्रश्न भी नहीं है और जिसका कोई प्रश्न नहीं है, उसके उत्तर कैसे आ सकते हैं? तो उसका उत्तर तुम्हें कैसे मिल सकता है? अब क्या जरूरी है, यह तुम ही बताओ। नींद जरूरी है या चारपाई, झोंपड़ी या महल? युवक ने कहा नींद जरूरी है गुरुदेव। गुरु ने कहा और तुम्हारी जीवन की वह सभी समस्याएं जिनके कारण तुम जीवन को समस्या समझ बैठे हो।

युवक ने कहा, वह सभी समस्याएं और उनका समाधान जीवन के द्वारा ही किया जा सकता है, जीवन के बाहर होकर नहीं। उनमें से ज्यादातर समस्याएं ऐसी हैं जो समस्याएं हैं ही नहीं। हम अपने आप उन्हें बनाकर खड़ा। कर लेते हैं। मैं समझ गया हूं गुरुदेव। जीवन एक रहस्य है और इस रहस्य को जीना ही जीवन है। पर हम सब समस्याओं को जीते रहते हैं और जीवन को नष्ट कर लेते हैं और कष्ट भरा जीवन जी जीकर मर जाते हैं।

निष्कर्ष

इस कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि समस्याएं हमें हमारी दृष्टि और सोच को बदलकर ही हल हो सकती हैं। जीवन की सभी चुनौतियों का समाधान हमारे अंदर ही छिपा होता है, बस हमें अपने नजरिये को सकारात्मक दिशा में मोड़ना होता है। इस कहानी से हमें सीख मिलती है कि जीवन की समस्याएं हमारे उद्दीपन, सकारात्मक दृष्टिकोण, और अंदरूनी शांति के माध्यम से ही हल हो सकती हैं। इससे हमें स्वयं को समझने और अपने आत्मा के साथ संबंध स्थापित करने की महत्वपूर्णता का अवगत होता है।

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