Fairy Tales In Hindi|जूते का जादू

प्रेरणादायक कहानी (Fairy Tales In Hindi) ‘जूते का जादू’ से प्राप्त करें, जिसमें बच्चों और परिवार का सामूहिक परिसंघ प्रकट होता है। इस कहानी के माध्यम से ‘Fairy Tales In Hindi‘ की दुनिया में सजीव होते हुए, साहस और साझेदारी का महत्वपूर्ण सिख प्राप्त करें।

Fairy Tales In Hindi

Fairy Tales In Hindi – एक बार की बात है, एक छोटी सी बूढ़ी औरत थी जो जूते में रहती थी। उसने कहा, “क्या हम यह देख सकते हैं कि मेरे प्यारे पति का इंतजार में एक और दिन है?” और उसने जारी रखते हुए कहा, “अरे वाह, यह तो सच है। ठीक है, आगे बढ़ते हैं।”

बूढ़ी औरत ने एक कैमरा लेकर जंगल की ओर बढ़ते हुए कहा, “कैमरा लेकर जाओ तो तुम देख सकते हो कि यह जूता घने जंगल के बीच में है और यह इतना बड़ा है कि बूढ़ी औरत और उसके बच्चे इसमें पूरी तरह समाहित हो जाते हैं। उनके बच्चे इतने ज्यादा हैं कि उसे उनके नाम भी याद नहीं रहते।”

इसके बाद, एक बच्चा ने उठकर कहा, “मां, हमारे घर में कोई फिलिप नहीं है। सच में मुझे तो लगा कि मैंने किसी का तो नाम रखा है फिलिप।”

बूढ़ी औरत हंसते हुए बोली, “लेकिन पीटर है, कहें तो बुला दो, से नहीं रहने दो। स्टार्क, तुम मुझे मेरा चश्मा ला दो। मार्क नहीं, उसे क्यों बुलाना?”

अब, जंगली घर के अंदर, एक औरत ने कहा, “यह काम तुम कर दो, मेरा नाम मार्क है।”

A OLD WOMAN LIVES IN SHOES SHAPE HOUSE
A OLD WOMAN LIVES IN SHOES SHAPE HOUSE

बूढ़ी औरत मुस्कराई हुई कहती है, “मार्क, मुझे तुम्हारे पिताजी की बहुत याद आती है। तुम्हारा नाम याद रखना बहुत मुश्किल है।” हालांकि वह बूढ़ी थी, पर उसे अपने बच्चों से बहुत प्यार था और वह भी हमेशा अपनी मां का ध्यान रखते थे। स्ट्रॉंग आग के लिए लकड़ी काटता था, पीटर अपनी कारीगरी से टोकरियाँ बनाता था, मार्क अपने बगीचे का ध्यान रखता था, लूसी गाय को संभालती थी, और जैनी अपने छोटों को पढ़ाती थी। बूढ़ी औरत और उसके बच्चे हमेशा इस जूते के घर में नहीं रहते थे।

सिर्फ एक महीना पहले, वे और उनका परिवार एक प्यारी सी घर में बसेरा कर रहे थे, और उनका पति एक लकड़हारा था। जंगल के पार, एक बड़े से महल में, एक भयानक राक्षस बसा हुआ था, जिसने एक दिन आकर इनके सुंदर से घर को खाक में बदल दिया। उस समय, बूढ़ी औरत नदी से पानी लाने गई हुई थी।

बेचारे इंसान और बच्चे अपनी जान बचाने के लिए इधर उधर भागने लगे और लकड़हारे ने भी अपने परिवार को बचाने की पूरी कोशिश की जिससे राक्षस और भी गुस्से में आ गया नहीं तो एक नया बंदी। राक्षस बेचारे लकड़हारे को अपने साथ अपने महल ले गया। जंगल से दूर और जब बूढ़ी औरत वापस आई तो उसने अपने टूटे हुए घर को देखा।

उसके बच्चे, जो कि राक्षस से छुपकर बैठे थे, मां के आते ही बाहर आ गए और मां को सारी घटना बताई। “हां, मुझसे तुम्हारे पिता को ले जाने नहीं देंगे। चलो चलकर उन्हें ढूंढते हैं। हो सकता है कि राक्षस उन्हें कहीं जंगल में ही छोड़ गया हो और फिर पूरा परिवार अपने पिता की खोज में लग गया।” वह जंगल में शाम तक अपने पिता को ढूंढते रहे सूरज भी ढल गया और तभी।

माँ, देखो, राक्षस का जूता आर्मस्ट्रॉंग, मेरे बच्चे का नाम स्ट्रॉंग है, मेरी माँ। हाँ, इस वक्त जरूरी नहीं है। सूरज ढलने वाला है और हमारे पास वापस जाने के लिए घर नहीं है। क्यों न हम इस जूते को ही अपना घर बना लें। जब तक तुम्हारे पिताजी को ढूंढ़ कर नया घर नहीं बनाते। बहुत सही सोचा आपने, माँ। धन्यवाद, जेनी माँ। मेरा नाम जेनी है, हाँ हाँ, वही तो।

रात होने से पहले बच्चे उस जूते को अपना घर बनाने के काम में जुट गए। पीटर और स्ट्रॉंग आर्म ने उसके ऊपर छत बनाई। जेनी और लूसी ने दरवाजा बनाया। मार्क और बाकी बच्चों ने जूते के अंदर की सफाई की। उसमें पोछा लगाया और उसे धोया और मिलकर जूते को रहने लायक बनाया। “कहते हैं ना, जहां चाह वहां राह है, ना लीना?” मां ने प्यार भरे भाषण के साथ कहा। “क्या, मां, मेरा नाम लिंजी है? तू रहने ही दे,” उस जूते ने मुस्कराते हुए उत्तर दिया।

फिर उस दिन पूरा परिवार उस जूते में रुका और आगे के कुछ और दिनों तक वहां बिताए। स्ट्रॉंग आर्म अपने पिता को राक्षस के जंगल से मुक्त करवाने की तैयारियों में जुटा। उसने दर्जनों तलवारें खरीदीं और पीटर ने काफी मजबूत कवच और अंगरखे बनाए। मार्क से जितने बन सके, उसने उतने लोहे के तीर और कमान बनाए। एक दिन वे राक्षस का सामना करने के लिए तैयार हो गए और मां का आशीर्वाद लेकर निकल पड़े।

जीत का नाम स्ट्रॉंग है, भगवान! अगले दिन वह महल तक पहुंच गए। स्ट्रॉंग आर्म ने अपने भाइयों को पास के जंगल में छोड़कर बहादुरी से अकेला ही महल के दरवाजे तक पहुंचा और दरवाजा खटखटाया। दरवाजा एक अजीब से छोटे आदमी ने खोला, जिसका सिर बड़ा था और जो बहुत अजीब सा दिख रहा था। हंसते हुए बोला, “जी, आज अजीब बात हुई। मुझे सपना आया कि मैं एक बड़ा मार्शमेलो खा रहा हूं। और जब सोकर उठा तो मेरा तकिया गायब था। क्या? और कल मैंने अपनी घड़ी खा गयी। यह मेरा काफी समय खा गया वह। मैं आपके लिए क्या कर सकता हूं? क्या तुम्हें पता है कि मेरे पिताजी कहां हैं? वे एक लकड़हारे हैं।

हाँ, वह जो बेचारे से हैं। मुझे माफ करना। मेरे चाचा ने उन्हें कैद कर रखा है और महल के जिस हिस्से में वह हैं, उसके पहरेदारी पर एक भयानक ड्रैगन है। उससे बचने के लिए तुम्हें बस उसकी पूंछ को छूना होगा, जो कि आज तक किसी ने नहीं किया है, और फिर उसने स्ट्रॉंग आर्म को महल के उस हिस्से का रास्ता दिखाया जहां उसके पिता को बंदी बनाकर रखा गया था।

बहादुर स्ट्रॉंग आर्म बिना किसी से डरे सीढ़ियां चढ़कर उस जगह तक पहुंच गए और खुशकिस्मती से उस वक्त ड्रैगन सो रहा था। बिना किसी समय को बर्बाद किए, स्ट्रॉंग आर्म ने होशियारी दिखाई और छलांग लगाकर ड्रैगन की पूंछ तक पहुंचे। इससे पहले कि ड्रैगन की नींद खुले, स्ट्रॉंग आर्म ने उसकी पूंछ को छू लिया। छूते ही ड्रैगन चिल्लाया और हवा में कहीं गायब हो गया।

वह तुमने कर दिखाया। तुमने उस भयानक ड्रैगन को मार दिया। अब मुझे रास्ता बताओ, बच्चे। वह उसे उस दरवाजे तक ले गया जो राजदरबार में खुलता था, जहां स्ट्रांग आर्म के पिता को जंजीरों से बांधकर रखा गया था। ओम स्ट्रांग, मेरे बच्चे! सच में पिताजी, आप अब हम चलते हैं बूढ़ी औरत के पास। जैसे ही उसके बेटे वहां से निकले, उसको बेचैनी शुरू हो गई।

बहुत बहुत बेचैनी और उसी वक्त वहां पर उसके पास एक बूढ़ी चुड़ैल आई। “मैं तुम्हारी मदद करूंगी। मैं महान जादूगरनी हूँ और उस राक्षस से नफरत करती हूँ, और उसे मरते हुए देखना चाहती हूँ। आओ मेरी झाड़ू पर बैठ जाओ और शुक्रिया!” महान बूढ़ी चुड़ैल मुझे बेचैनी हो रही थी। मैं चुड़ैल हूँ, परी नहीं। चलो अब आ जाओ।

इस बूढ़ी चुड़ैल ने उस बूढ़ी औरत को अपने साथ झाड़ू के डंडे पर बिठाकर हवा में उड़ते हुए सीधा राक्षस के महल पहुँचा। पर जब वह वहां पहुँची, उन्हें राक्षस कहीं भी नहीं मिला। उस दिन राक्षस के पैर में सुबह से दर्द था। जूता न होने के कारण वह जंगल की तरफ जा चुका था।

अपना खोया हुआ जूता ढूंढने के लिए और फिर वह वहां पहुँचा जहां बूढ़ी औरत और उसके बच्चे रहते थे, और वहां उसको उसका पुराना जूता दिखाई दिया। वह हंसा और उसकी ओर बढ़ा, छत को तोड़ते हुए उसने अपना पैर उसमें घुसा दिया। सारे बच्चे, जो जूते के अंदर थे, एकदम से घबरा गए और जल्दबाजी में डर सहमे दरवाजे से बाहर निकले। उसी वक्त चुड़ैल और बूढ़ी औरत के साथ ही स्ट्रांग राम और उसके भाई अपने पिता के साथ उस जगह पहुँच गए।

गिली गिली छू गिली गिली क्या वो तेरी शक्ति कैसे बढ़ गई। जब से तूने मेरा घर तोड़ा है तब से मैं इसकी तैयारी कर रही हूँ। पर जैसे ही राक्षस चुड़ैल तक पहुँचता स्ट्रॉंग राम और उसके भाइयों ने उस पर तीरों की बरसात शुरू कर दी जिससे राक्षस जख्मी होकर जमीन पर गिर पड़ा और ये ही उसका अंत था। और मेरे कारपेंटर पति मैंने तुम्हें बहुत याद किया पर मैं लकड़हारा हूं तुम बिल्कुल नहीं बदले मैं तुम्हें एक बात बताऊँ। ये परी हमारी मदद करेंगी। हमारा घर बनाने में हैं ना शुक्रिया परी रानी।

बूढ़ी औरत ने कहा, “धन्यवाद, परी रानी, तुम्हारी मदद से हमने राक्षस चुड़ैल को हराया है।” परी रानी मुस्कराईं और बोलीं, “तुम्हारी मेहनत और साहस ने तुम्हें जीत हासिल करने में मदद की है।”

बूढ़ी औरत ने फिर अपने पति से मिलकर उसे गालियों से मुक्त करने का शुक्रिया अदा किया। उनका परिवार एकत्र हो गया और खुशी के पलों में डैन्स किया। बूढ़ी औरत के बच्चे भी खुशी में नाचते रहे।

This Story inspired by – जुते का घर

परी रानी ने एक चमकीली झाड़ू दी और कहा, “इस झाड़ू का इस्तेमाल तुम्हें नए और सुंदर घर की सफाई के लिए करना होगा।” बूढ़ी औरत ने धन्यवाद कहते हुए झाड़ू ले ली और अपने नए घर की सजावट में काम करने लगी।

वहां से बाहर निकलते हुए, बूढ़ी औरत ने फिर परी रानी का धन्यवाद किया और उससे मिलकर बोला, “तुम्हारी मदद से हमने नया घर बनाया है और अब हम एक सुखी और शांतिपूर्ण जीवन जी सकते हैं।”

इसके बाद, बूढ़ी औरत और उसका परिवार नए घर में खुशहाली से रहने लगे। उनकी मेहनत और साहस ने उन्हें नए सपनों की ऊँचाईयों तक पहुंचाया और वहां का माहौल एक सच्चे परिवार की भावना से भरा हुआ था। इसके बाद, उन्होंने अपने बच्चों को सिखाया कि उम्मीद, मेहनत, और साहस के साथ हर कठिनाई को पार किया जा सकता है।

इसके बाद से, उनका जीवन नये रंगों में भरा रहा और वह खुशहाली से अपने बच्चों के साथ एक सुखी और समृद्ध जीवन का आनंद लेते रहे।

इस Fairy Tales In Hindi का संग-सार यह है कि जब बच्चे और उनके परिवार ने मिलकर काम किया और साहस से समस्याओं का सामना किया, तो उन्होंने अपनी समस्याओं को परिहार किया और एक नया आदमी बना लिया। उन्होंने साबित किया कि सजगता, मेहनत, और साझेदारी से हर कठिनाई को पार किया जा सकता है। साथ ही, दया, साहस, और सामंजस्यपूर्णता से उन्होंने अपने परिवार को एक साथी और समृद्धि भरा जीवन प्रदान किया। इस Fairy Tales In Hindi से हमें यह सिखने को मिलता है कि सभी समस्याओं का सामना करने के लिए हमें अपनी आत्मशक्ति को पहचानना और सही दिशा में उपयोग करना चाहिए।

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