Emotional Story In Hindi

Emotional Story In Hindi

Emotional Story In Hindi – एक माँ की ममता

Emotional Story In Hindi - एक माँ की ममता

एक गाँव में रहती थी एक विधवा माँ, जिसका नाम था गीता। उसके दो छोटे बच्चे थे, एक बेटा जिसका नाम था रामू और एक बेटी जिसका नाम था सीता। गीता बहुत गरीब थी, लेकिन वह अपने बच्चों से बहुत प्यार करती थी। वह दिन-रात मेहनत करती थी ताकि अपने बच्चों का पेट भर सके।

एक दिन गीता बीमार हो गई। वह इतनी बीमार हो गई कि बिस्तर से उठ भी नहीं सकती थी। रामू और सीता अपनी माँ की बहुत चिंता करते थे। वह अपनी माँ के लिए दिन-रात रोते थे। गीता के पड़ोसी उन्हें खाना देते थे और उनकी देखभाल करते थे।

एक दिन गीता को बहुत तेज बुखार आ गया। वह बहुत कमजोर हो गई और उसे लग रहा था कि वह अब मर जाएगी। गीता ने रामू और सीता को बुलाया और उनसे कहा, “मेरे प्यारे बच्चों, अगर मैं मर गई तो तुम दोनों मिलकर रहना। एक-दूसरे की मदद करना और कभी भी एक-दूसरे को नहीं छोड़ना।” रामू और सीता ने अपनी माँ से वादा किया कि वह हमेशा साथ रहेंगे और एक-दूसरे का ख्याल रखेंगे।

अगले दिन सुबह गीता की मृत्यु हो गई। रामू और सीता बहुत रोए। उनके दिल टूट गए थे। वह अपनी माँ के बिना नहीं रह सकते थे।

गीता के पड़ोसी उनके बच्चों को अपने घर ले गए और उनकी देखभाल करने लगे। रामू और सीता अपने पड़ोसियों के बहुत आभारी थे। वह उनके लिए बहुत काम करते थे और उनकी हर बात मानते थे।

रामू और सीता अपनी माँ को बहुत याद करते थे। वह हर रात अपनी माँ को सपने में देखते थे। वह अपनी माँ से बातें करते थे और उनकी ममता महसूस करते थे।

समय बीतता गया और रामू और सीता बड़े हो गए। वह अब अपने पैरों पर खड़े हो गए थे। वह अपनी माँ के सपनों को पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत करते थे।

रामू और सीता अपनी माँ से बहुत प्यार करते थे और वह हमेशा उनकी यादों में रहते थे। उनकी माँ की ममता उनके दिलों में हमेशा बसी रही।

शिक्षा:

  • माँ का प्यार सबसे महान होता है।
  • माँ के बिना जीवन अधूरा होता है।
  • हमेशा अपनी माँ का आदर करना चाहिए और उनकी हर बात माननी चाहिए।

Emotional Story In Hindi – एक बेटे का सपना

Emotional Story In Hindi - एक बेटे का सपना

एक गाँव में रहता था एक गरीब लड़का जिसका नाम था रामू। रामू के पिता एक किसान थे और उनकी माँ एक गृहणी थी। रामू के माता-पिता बहुत मेहनत करते थे लेकिन फिर भी उनका जीवन बहुत कठिन था। रामू के घर में हमेशा अन्न की कमी रहती थी और उसे कई बार भूखा सोना पड़ता था।

रामू बहुत मेहनती और होनहार लड़का था। वह स्कूल में बहुत अच्छे से पढ़ता था और हर साल प्रथम आता था। रामू का सपना था कि वह बड़ा होकर एक डॉक्टर बने और अपने गाँव के गरीब लोगों का इलाज करे।

रामू के पिताजी की एक दिन एक दुर्घटना में मृत्यु हो गई। रामू और उसकी माँ पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उनके पास अब कोई कमाने वाला नहीं था और उनकी आर्थिक स्थिति और भी खराब हो गई।

रामू अपनी माँ का बहुत ख्याल रखता था। वह स्कूल से आने के बाद घर का सारा काम करता था और अपनी माँ से बहुत प्यार करता था। रामू अपनी माँ से कभी नहीं कहता था कि वह भूखा है।

एक दिन रामू की माँ को बहुत तेज बुखार आ गया। वह बहुत कमजोर हो गई और उसे लग रहा था कि वह अब मर जाएगी। रामू अपनी माँ के लिए बहुत चिंता करता था। वह दिन-रात अपनी माँ की देखभाल करता था और उसकी हर बात मानता था।

एक रात रामू सो गया और उसने एक सपना देखा। सपने में उसने देखा कि वह एक बड़ा डॉक्टर बन गया है और अपने गाँव के लोगों का इलाज कर रहा है। वह गरीबों का मुफ्त में इलाज करता था और उनका बहुत प्यार करता था।

Emotional Story In Hindi - एक बेटे का सपना

रामू की माँ की मृत्यु हो गई। रामू बहुत रोया। उसके दिल में बहुत दर्द था। वह अपनी माँ के बिना नहीं रह सकता था।

रामू ने अपनी माँ से किये वादे को कभी नहीं तोड़ा। वह बड़ा होकर एक डॉक्टर बना और अपने गाँव के लोगों का इलाज करने लगा। वह गरीबों का मुफ्त में इलाज करता था और उनका बहुत प्यार करता था।

रामू ने अपनी माँ के सपनों को पूरा किया और अपने गाँव के लोगों की मदद की। वह हमेशा अपनी माँ के लिए प्रार्थना करता था और उसका धन्यवाद करता था।

शिक्षा:

  • हमें अपने माता-पिता का हमेशा आदर करना चाहिए और उनकी हर बात माननी चाहिए।
  • हमें अपने सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत करनी चाहिए।
  • हमें गरीबों की मदद करनी चाहिए और उनका सहारा बनना चाहिए।

Emotional Story In Hindi –एक शिक्षक का त्याग

Emotional Story In Hindi -एक शिक्षक का त्याग

एक छोटे से गाँव में रहता था एक शिक्षक जिसका नाम था मोहन। मोहन बहुत मेहनती और ईमानदार शिक्षक था। वह अपने छात्रों से बहुत प्यार करता था और उन्हें अच्छी शिक्षा देने के लिए दिन-रात मेहनत करता था।

मोहन के गाँव में बहुत गरीबी थी। अधिकांश बच्चे गरीब परिवारों से थे और उनके पास स्कूल जाने के लिए कपड़े और किताबें नहीं थीं। मोहन अपने वेतन का एक बड़ा हिस्सा अपने छात्रों की मदद में खर्च कर देता था। वह उनके लिए कपड़े और किताबें खरीदता था और उन्हें खाना भी खिलाता था।

मोहन का गाँव एक पहाड़ी इलाके में था और वहाँ का स्कूल बहुत पुराना और जर्जर था। स्कूल की छत टपकती थी और दीवारों में दरारें थीं। बारिश में स्कूल में पानी भर जाता था और बच्चे भीग जाते थे। मोहन ने अपने गाँव के लोगों से स्कूल के लिए चंदा माँगा लेकिन कोई भी मदद नहीं करना चाहता था।

मोहन ने हार नहीं मानी। वह खुद ही स्कूल की मरम्मत करने लगा। वह हर रोज स्कूल के बाद स्कूल की मरम्मत करता था और धीरे-धीरे स्कूल की हालत सुधरती गई। मोहन के इस काम को देखकर गाँव के लोगों का दिल बदल गया और वे भी स्कूल की मरम्मत में मदद करने लगे।

मोहन के प्रयासों से गाँव का स्कूल एक नए स्कूल की तरह बन गया। गाँव के बच्चों को अब अच्छी शिक्षा मिलने लगी और उनके भविष्य के बारे में उम्मीद जगी। गाँव के लोग मोहन को बहुत प्यार करते थे और उन्हें अपना देवता मानते थे।

मोहन की मेहनत और त्याग के कारण गाँव में शिक्षा का एक नया युग शुरू हुआ। मोहन के छात्र बड़े होकर डॉक्टर, इंजीनियर और शिक्षक बने और अपने गाँव का नाम रोशन किया।

मोहन का जीवन एक शिक्षक के लिए आदर्श है। उसने अपने पूरे जीवन को अपने छात्रों की शिक्षा और भलाई के लिए समर्पित कर दिया। वह एक सच्चे शिक्षक का उदाहरण है जिसने अपने त्याग और मेहनत से गाँव का भविष्य बदल दिया।

शिक्षा:

  • हमें अपने काम के प्रति ईमानदार और मेहनती होना चाहिए।
  • हमें दूसरों की मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।
  • हमें अपने लक्ष्यों को पाने के लिए हार नहीं माननी चाहिए।

Emotional Story In Hindi –एक पिता का प्यार

Emotional Story In Hindi -एक पिता का प्यार

एक छोटे से शहर में रहता था एक दयालु पिता जिसका नाम था मोहन। मोहन एक मजदूर था और वह अपनी पत्नी और दो बच्चों का पालन-पोषण करता था। मोहन बहुत गरीब था लेकिन वह अपने परिवार से बहुत प्यार करता था। वह दिन-रात मेहनत करता था ताकि अपने परिवार का पेट भर सके।

मोहन के बच्चे बहुत छोटे थे। उनके बेटे का नाम था रामू और उनकी बेटी का नाम था सीता। रामू और सीता अपने पिता से बहुत प्यार करते थे। वह अपने पिता के साथ हर जगह जाते थे और उनकी हर बात मानते थे।

मोहन अपने बच्चों के लिए बहुत सपने देखता था। वह चाहता था कि उसके बच्चे बड़े होकर डॉक्टर, इंजीनियर और शिक्षक बनें। मोहन अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए बहुत मेहनत करता था। वह उन्हें अच्छे से पढ़ाने के लिए हर संभव कोशिश करता था।

एक दिन मोहन के पिताजी की मृत्यु हो गई। मोहन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उसके पिताजी उसकी सबसे बड़ी सहारा थे और उनकी मृत्यु के बाद मोहन बहुत अकेला हो गया।

मोहन अपने परिवार का अकेला सहारा था। वह दिन-रात मेहनत करता था और अपने परिवार की हर जरूरत को पूरा करता था। मोहन कभी अपने बच्चों को नहीं कहता था कि वह थक गया है। वह हमेशा अपने बच्चों के चेहरे पर खुशियाँ देखना चाहता था।

मोहन अपने बच्चों से बहुत प्यार करता था और वह उनके लिए कुछ भी कर सकता था। वह अपने बच्चों के लिए एक बहुत ही अच्छे पिता थे।

एक दिन मोहन को बहुत तेज बुखार आ गया। वह बहुत कमजोर हो गया और उसे लग रहा था कि वह अब मर जाएगा। मोहन ने अपने बच्चों को बुलाया और उनसे कहा, “मेरे प्यारे बच्चों, अगर मैं मर गया तो तुम दोनों मिलकर रहना। एक-दूसरे की मदद करना और कभी भी एक-दूसरे को नहीं छोड़ना।” रामू और सीता ने अपने पिता से वादा किया कि वह हमेशा साथ रहेंगे और एक-दूसरे का ख्याल रखेंगे।

अगले दिन सुबह मोहन की मृत्यु हो गई। रामू और सीता बहुत रोए। उनके दिल टूट गए थे। वह अपने पिता के बिना नहीं रह सकते थे।

मोहन के बच्चों को बहुत दुख हुआ लेकिन उन्होंने अपने पिता से किये वादे को कभी नहीं तोड़ा। वह बड़े होकर डॉक्टर, इंजीनियर और शिक्षक बने। उन्होंने अपने पिता के सपनों को पूरा किया और अपने पिता के लिए हमेशा प्रार्थना करते रहे।

शिक्षा:

  • हमें अपने माता-पिता का हमेशा आदर करना चाहिए और उनकी हर बात माननी चाहिए।
  • हमें अपने सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत करनी चाहिए।
  • हमें अपने माता-पिता के प्यार का हमेशा सम्मान करना चाहिए।

Emotional Story In Hindi – एक बेटे का त्याग

Emotional Story In Hindi - एक बेटे का त्याग

एक गाँव में रहता था एक गरीब किसान जिसका नाम था रामू। रामू के माता-पिता बहुत मेहनत करते थे लेकिन फिर भी उनका जीवन बहुत कठिन था। रामू के घर में हमेशा अन्न की कमी रहती थी और उसे कई बार भूखा सोना पड़ता था।

रामू बहुत मेहनती और होनहार लड़का था। वह स्कूल में बहुत अच्छे से पढ़ता था और हर साल प्रथम आता था। रामू का सपना था कि वह बड़ा होकर एक इंजीनियर बने और अपने गाँव के विकास में योगदान करे।

रामू के बड़े भाई की शादी एक अमीर लड़की से हुई थी। रामू के भाई का परिवार गाँव के बाहर एक बड़े से मकान में रहता था और उनकी जिंदगी बहुत आरामदायक थी।

रामू का भाई चाहता था कि रामू भी शहर में रहकर पैसे कमाए और एक अच्छा जीवन व्यतीत करे। लेकिन रामू अपने गाँव से बहुत प्यार करता था और वह अपने गाँव के विकास में योगदान देना चाहता था।

रामू ने अपने भाई से कहा कि वह अपने गाँव में ही रहकर एक इंजीनियर बनेगा और अपने गाँव के विकास में योगदान करेगा। रामू के भाई को रामू का फैसला पसंद नहीं आया लेकिन वह रामू को रोक नहीं सका।

रामू ने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद एक इंजीनियर की नौकरी कर ली। रामू अपनी नौकरी से मिलने वाली सारी कमाई अपने गाँव के विकास में लगा देता था। वह अपने गाँव में सड़कें बनवाता था, स्कूल बनवाता था और गरीबों की मदद करता था।

रामू के भाई को रामू के कार्यों पर बहुत जलन होती थी। वह चाहता था कि रामू शहर में रहकर पैसे कमाए और एक अच्छा जीवन व्यतीत करे। लेकिन रामू अपने गाँव से बहुत प्यार करता था और वह अपने गाँव के विकास में योगदान देना चाहता था।

रामू ने अपने गाँव के विकास में बहुत मेहनत की और अपने गाँव को एक विकसित गाँव बना दिया। रामू के गाँव के लोग रामू से बहुत प्यार करते थे और उसका बहुत सम्मान करते थे।

रामू अपने गाँव के विकास में योगदान करके बहुत खुश था। वह अपने सपनों को पूरा करके बहुत संतुष्ट था।

शिक्षा:

  • हमें अपने सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत करनी चाहिए।
  • हमें अपने गाँव से प्यार करना चाहिए और उसके विकास में योगदान देना चाहिए।
  • हमें गरीबों की मदद करनी चाहिए और उनका सहारा बनना चाहिए।

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