डॉक्टर कलाम साहब के विचार


एक बार डॉक्टर कलाम साहब छात्रों से मिलकर बातचीत कर रहे थे। छात्रों ने कुछ प्रश्न पूछे और डॉक्टर कलाम ने उनके प्रश्नों का उत्तर दिया। उनकी व्यक्तित्व शैली से उजागर हो रहा था। उन्हें भारतीय समाज के बड़े प्रमुख के रूप में सम्मानित किया जाता है और वे अपनी साकारात्मकता के लिए जाने जाते हैं।

डॉक्टर कलाम साहब के विचार

इंडिया की महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों में से एक, उन्हें अपनी प्रेरणा माना जाता है। संदीप सर ने भी कहा है कि उनसे मिलकर छात्रों को बड़ी प्रेरणा मिलती है। वे एक अद्वितीय व्यक्ति हैं जो पूरी दुनिया में किसी के समान नहीं हैं। डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम छात्रों के लिए एक बड़ी प्रेरणा स्रोत हैं और उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को पूरी दुनिया में स्वीकारा जाता है।

आइए शुरू करते है “ठीक है तो अब आप लोग मुझसे क्वेश्चन पूछिए। सिर्फ पांच क्वेश्चन लेंगे। कौन कौन पूछना चाहेगा? ठीक है। क्वेश्चन क्या जल्दी बताइए। गुड इवनिंग सर। गुड इवनिंग। आप किस क्लास में पढ़ते हैं? सर, मैं टेंथ क्लास में पढ़ती हूं। मेरा नाम गायत्री मोहन है। सर मेरा क्वेश्चन यही कि रामेश्वरम से राष्ट्रपति भवन तक यह एक बहुत ही बडी उपलब्धि है और इसके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता।

आप लेक्चर दे रहे हैं, अपना क्वेश्चन पूछिए। सर, मैं आपसे सुनना चाहती हूं कि आप कुछ टिप्स दें। आने वाली जनरेशन के लिए, लाइफ में सक्सेसफुल होने के लिए, वेल लाइफ में सक्सेसफुल होने के लिए मैं आपको ऑलरेडी बता चुका हूं। फिर से बता देता हूं ये चार नियम अटल है। सक्सेसफुल होने के लिए चार चीजें आपको करनी हैं।

नंबर वन रिपीट करना मेरे साथ रिपीट करो। नंबर वन। महान लक्ष्य। महान लक्ष्य मेरा एक महान लक्ष्य होगा। मेरा एक महान लक्ष्य होगा। मैं लगातार नॉलेज लेती रहूंगी। मैं लगातार नॉलेज लेती रहूंगी। मैं अपने लक्ष्य के लिए कठोर मेहनत करूंगी। मैं अपने लक्ष्य के लिए कठोर मेहनत करूंगी। नंबर फोर में दृढ़ रहूंगी। नंबर फोर में दृढ़ रहूंगी। बस यही मंत्र आए। हां पूछो, पूछो सर, मेरी इंग्लिश थोड़ी सी खराब है। मलयालम मीडियम से पढ़ता हूं। मलयालम में बोलो। कोई बात नहीं सर।

इंडिया की एक बड़ी ताकत और एक बड़ी कमजोरी क्या है? इंडिया की बड़ी ताकत और बड़ी कमजोरी क्या है? क्या बात है? फैंटास्टिक बॉय। किस क्लास में पढ़ते हो सर सेवंथ क्लास में। ओके। अब सवाल पर आते हैं बड़ी ताकत क्या है इंडिया की? इंडिया की सबसे बड़ी ताकत हो तुम। जहां पर 60 करोड़ युवा रहते हैं। यह हिंदुस्तान की सबसे बड़ी ताकत। अब मैं जो बोलूंगा मेरे साथ रिपीट करना। युवाओं का प्रज्वलित मन। युवाओं का प्रज्वलित मन। धरती के ऊपर, धरती के ऊपर, धरती के नीचे, धरती के नीचे और धरती पर और धरती पर सबसे शक्तिशाली चीज है। सबसे शक्तिशाली चीज है तो भारत का युवा और युवाओं का प्रज्वलित मन। हिंदुस्तान की सबसे बड़ी ताकत है। और तुमने पूछा कि इंडिया की सबसे बड़ी कमजोरी क्या है? ठीक है कमजोरी भारत।

डॉक्टर कलाम साहब

बिना मिशन के एक कमजोरी है। एक देश मर जाता है। अगर उसमें मिशन नहीं है तो कोई उद्देश्य नहीं है। तो और सेम चीज लाइफ के साथ में भी है। बिना मिशन के जीवन मर जाता है। उसी तरीके से बिना मिशन के एक देश भी मर जाता है तो हर राष्ट्र का और हर एक इंसान का अपना एक मिशन जरूर होना चाहिए। ठीक है अगला रोशन सर, मेरा क्वेश्चन यह है कि एक साइंटिस्ट और एक भारत के राष्ट्रपति के रूप में आपकी सभी महान उपलब्धियों में से आप किस उपलब्धि को सबसे मूल्यवान मानते हैं? देखिए, मैं पर्सनली बिलीव करता हूं कि मैं एक टीचर हूं और जब मेरे एक स्टूडेंट ने पीएचडी की थी तो वह मेरे लिए एक बहुत ही शानदार अचीवमेंट था। मैं यह मानता हूं। ठीक है,

अगला क्वेश्चन पूछिए। अरे क्या बात है, आपका नाम क्या है सर? विष्णु दीनानाथ कौन सी क्लास में पढ़ते हो? सर फिफ्थ क्लास में आपका ड्रीम क्या है? सर मेरा सपना है कि मैं एक आईएएस ऑफिसर बनूं। क्या बात है आप बहुत ही स्मार्ट लड़के मुझे बताइए। मुझे बताइए। आप एक आईएएस ऑफिसर क्यों बनना चाहते हैं? कोई बात नहीं, कोई बात नहीं, मेरे साथ रिपीट करो। एक आईएएस ऑफिसर के रूप में एक आईएएस ऑफिसर के रूप में मैं करप्शन को। मैं करप्शन को रिमूव करूंगा, रिमूव करूंगा। ठीक है,

आप क्वेश्चन पूछिए। सर, मेरा क्वेश्चन यह है कि क्या आप लव कंपैशन और ग्रेट ड्यूट। यानी कि प्रेम, करुणा और कृतज्ञता के बारे में कुछ कह सकते हैं? वेल। प्यार वह है जो हमें माता पिता से मिलता है। उसका कोई मूल्य नहीं है। करोड़ों रुपए दे करके भी हम उसे खरीद नहीं सकते। तो प्यार वह है जो कि हमें हमारे माता पिता से मिलता है। इसलिए आज आप अपनी मम्मी को खुश करेंगे। क्या करेंगे? खुश करेंगे?

कंपैशन यानी कि कृतज्ञता के बारे में अगर कुछ कहूं तो आज जब मैं ट्रैवल कर रहा था तो दो बच्चे थे और उनके माता पिता उनके साथ में थे। वह दोनों बच्चे फिजिकली सही नहीं थे, लेकिन जब वह फ्लाइट में एंटर कर रहे थे तो फ्लाइट में बैठा हुआ हर एक पर्सन उन दोनों बच्चों को इनकरेज कर रहा था। कंपटीशन को शो कर रहा था। कृतज्ञता को शो कर रहा था और यही है कंपैशन। और बात रही ग्रैच्यूटी की। आभार प्रकट करने की। तो यह एक ऐसी क्वॉलिटी है जो कि हर इंसान के अंदर होनी चाहिए। हम एक उदाहरण से समझते हैं आपने सूरज को देखा है, सूरज को अर्थ को देखा है, पृथ्वी को अरबों साल हो गए। सूरज पृथ्वी को रेडिएशन दे रहा है, गर्मी दे रहा है, लाइट दे रहा है और कभी भी सूरज ने पृथ्वी को थैंक्यू बोलने के लिए नहीं कहा। कभी भी यह नहीं कहा कि मैं पृथ्वी को गरम रखता हूं, ठंड से बचाता हूं। मैं लाइट देता हूं। मे

रे बिना आप सभी लोग मर जाओगे। कभी एक थैंक्यू तक नहीं मांगा और अरबों सालों में एक दिन भी ऐसा नहीं हुआ कि सूर्य ने अपना प्रकाश पृथ्वी को न दिया हो तो पृथ्वी को और हमें इसके लिए आभार प्रकट करना चाहिए। ग्रेट। रोड शो करना चाहिए। 5 अरब सालों से सूर्य ने लगातार हमें प्रकाश दिया है। तो यह है ग्रेट ड्यूड। तुम बहुत ही छोटे हो लेकिन क्वेश्चन बहुत ही अच्छे करते हो। गुड इवनिंग। सर आप किस क्लास में पढ़ते हैं? सर, मैं टेंथ क्लास में पढ़ती हूं। नेक्स्ट ईयर आप कौन सा सब्जेक्ट लेने वाले? सर मैं बायोवेस्ट लेने वाली हूं। उद्देश्य क्या है यह लेने का? सर, मेरे माइंड में अभी आईडिया है कि मुझे इंजीनियर बनना है एंड साइड बाय। साइड में डॉक्टर को भी देख रही हूं, लेकिन ज्यादा। मेरे माइंड में अभी इंजीनियरिंग है। ओके, अब मैं आपके साथ में एक बहुत ही अच्छा एक्सपीरियंस शेयर करता हूं।

जब मैं देहली से तिरुवनंतपुरम ट्रेवल कर रहा था और लगभग चार घंटे 45 मिनिट हम फ्लाइट के अंदर थे और मेरे पास में बॉम्बे का एक बहुत ही अच्छा बिजनेसमैन बैठा था और उन्होंने मुझसे पूछा कि डॉ। कलाम आप कहां पर जा रहे हैं? तो मैंने उनसे कहा कि मैं चिल्ड्रन्स को एड्रेस करने जा रहा हूं तो उन्होंने मुझसे कहा कि आप बच्चों से एक चीज़ ज़रूर कहना कि हमेशा अपने आप से क्वेश्चन जरूर करें कि मेरा पेशेंट क्या है। कई सारे पेरेंट्स यह चाहते हैं कि मेरा बेटा इंजीनियर बनें, डॉक्टर बनें, मैनेजर बनें, साइंटिस्ट बनें। लेकिन इम्पॉर्टेंट यह है कि बच्चे का क्या ड्रीम है और उसके ड्रीम की हमेशा रेस्पेक्ट की जानी चाहिए।

इसीलिए मैं जहां पर भी जाता हूं, जिस भी बच्चे से मिलता हूं, उससे मैं यह जरूर पूछता हूं कि तुम्हारा ड्रीम क्या है? तुम्हारा पेशेंट क्या है? तुम क्या कर रहे हो और क्यों कर रहे हो? ठीक है तो अब आप अपना क्वेश्चन पूछ सकते हैं। सर मेरा क्वेश्चन यही कि आपने हमेशा इस बात पर जोर दिया है कि युवाओं का राष्ट्र के विकास में बहुत ही अहम योगदान होता है। तो क्या आप हमें बता सकते हैं कि कैसे हम राष्ट्र के विकास में अपना योगदान दे सकते हैं? देखिए, मेरे पास सभी विद्यार्थियों के लिए एक सलाह है और वह यह है कि जब तक आप एक विद्यार्थी हो तो आपका केवल एक ही काम है और आपका एक ही उद्देश होना चाहिए और वह यह कि अपनी शिक्षा में श्रेष्ठता प्राप्त करना।

इसके अलावा बाकी चीजों के बारे में नहीं सोचना क्योंकि जब तुम ट्वेल्थ पास कर लोगे या फिर किसी फील्ड में जाने के लिए या फिर जो भी तुम्हें बनना है डॉक्टर, इंजीनियर, मेनेजर, साइंटिस्ट इसके लिए तुम्हारे परसेंटेज सुपर होने चाहिए। इसलिए मैंने कहा कि अभी तुम्हें सिर्फ पढ़ाई में ध्यान देना चाहिए और अगर तुम राष्ट्र के लिए कंट्रीब्यूट करना ही चाहते हो तो अगर तुम्हें संडे को छुट्टी मिलती है और समय मिलता है तो तुम ऐसे अस्पताल में चले जाना। शाम के टाइम पर जहां पर बहुत ही भीड़ होती है आप वहां पर जाकर देखोगे कि कुछ ऐसे मरीज जिनसे मिलने के लिए उनके फैमिली उनके रिश्तेदार हैं और कुछ ऐसे मरीज हैं जिनके पास कोई भी नहीं है तो तुम उनके पास जाकर उन्हें फूलों का गुलदस्ता या फिर फल फ्रूट दे करके उन्हें खुश कर सकती हो। या फिर तुम पांच पौधे लगा सकती हो या फिर अगर तुम अफोर्ड कर सको तो लोगों को शिक्षा दे सकती हो और तुम्हें लोगों को उच्च शिक्षा देनी चाहिए। वैसे ये सभी काम बाद के हैं, लेकिन अभी तुम्हारा फोकस अपनी एजुकेशन पर होना चाहिए।

अब डॉक्टर कलाम साहब की बात को यहां पर में रोक करके आपको कुछ एक्सप्लेन करना चाहता हूं। थोड़ा क्लेरी फाई करना चाहता हूं कि अभी आपका पूरा फोकस एजुकेशन पर होना चाहिए। इसका मतलब यह बिल्कुल भी नहीं है कि आप बाकी फील्ड से दूर रहे। कलाम साहब ने उस लड़की को इसलिए कहा क्योंकि उसका गोल एकदम क्लियर कि या तो उसे इंजीनियर बनना है या फिर उसे डॉक्टर बनना है तो उस फील्ड के लिए उसे पढ़ना ही पड़ेगा और थोड़ा ज्यादा पढ़ना पड़ेगा।

लेकिन ये बिल्कुल भी जरूरी नहीं है कि हर कोई इंजीनियर, डॉक्टर या फिर साइंटिस्ट बने। ठीक है, अगर आपका गोल आपका लक्ष्य सिर्फ एजुकेशन की फील्ड में आगे बढना नहीं है तो साइड बाई साइड। अगर आप अपना कुछ चलाना भी चाहते हो तो आप चला सकते हो। ओके नेक्स्ट क्वेश्चन सर मेरा क्वेश्चन यही कि हमारे देश में ब्रेन ड्रेन एक बहुत ही बड़ी समस्या है। हमारे देश के बहुत सारे प्रतिभाशील युवा विदेश में जाकर के सेटल हो रहे हैं जो कि हमारे देश के लिए बहुत ही ज्यादा नुकसान दायक है। तो क्या इसका कोई समाधान है? देखिए हमें समस्या के लिए किसी समाधान की जरूरत नहीं है क्योंकि ब्रेन ड्रेन कोई समस्या नहीं है इसलिए आप फिक्र मत करो क्योंकि भारत में अरबों लोग रहते हैं जहां से हर साल अलग अलग क्षेत्रों से लगभग 30 लाख विद्यार्थी निकलते हैं।

अगर उनमें से पांच 10,000 विद्यार्थी विदेश चले भी जाते हैं तो इतना कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि जैसे इंडिया से यंगस्टर विदेश जाएंगे, वैसे ही कई सारे लोग विदेश से भी इंडिया आएंगे। जिससे कि ज्ञान का आदान प्रदान होगा और इसमें कुछ गलत बात भी नहीं है तो मेरे अनुसार ब्रेन ड्रेन कोई भी बड़ी समस्या नहीं है। लेकिन हां अगर कोई समस्या है या फिर यह कहें कि किसी चीज की जरूरत है तो वह यह कि हमारे पास में महान वैज्ञानिक प्रयोगशालाएं जरूर होनी चाहिए जिससे कि जैसे अभी हम विदेश जाकर के शोध करते हैं, वैसे ही विदेश से वैज्ञानिक आ करके भारत में शोध कर सकें।

सर, मेरा क्वेश्चन यह है कि हम हर रोज भ्रष्टाचार से संबंधित समाचार सुनते हैं तो क्या आप कुछ उपाय बता सकते हैं जिससे कि हम भ्रष्टाचार को खत्म कर सकें या फिर उसे कम कर सकें? यदि मैं आप सभी को करप्शन को खत्म करने का तरीका बताऊंगा तो क्या आप सभी मेरी बात मानेंगे? यहाँ यस सर ने बताया कि भारत में एक अरब से भी अधिक लोग रहते हैं और इसमें से एक अरब लोग 200 मिलियन घरों में रहते हैं, जिसका मतलब है कि प्रत्येक घर में लगभग पांच लोग रहते हैं, जिसमें माता-पिता और दो लड़कियां या फिर माता-पिता एक लड़का और दो लड़कियां हो सकती हैं। उन्होंने बताया कि इसमें से 60 मिलियन घरों में करप्ट लोग हैं जो पैसे कमाने के लिए करप्शन का सहारा लेते हैं। उन्होंने चुनौती दी कि बच्चों को अपने पापा से कहना चाहिए कि यदि वे करप्शन करके पैसे कमाएंगे तो उन्हें गाड़ी नहीं मिलेगी और वह उसमें नहीं बैठेंगे। उनका कहना है कि इस तरह से अगर सभी बच्चे अपने माता-पिता से बोलते हैं, तो भ्रष्टाचार में कमी हो सकती है।

भारत में करप्शन समस्या एक गंभीर मुद्दा है जो समाज के सभी परियों को स्पष्ट रूप से प्रभावित करती है। उनकी चुनौती बच्चों को अपने माता-पिता से स्थिति पुनर्निर्धारित करने के लिए अच्छी प्रेरणा प्रदान करती है, जिससे समाज में भ्रष्टाचार की कमी हो सकती है। उनका संदेश है कि सभी लोगों को इस समस्या के खिलाफ सामूहिक रूप से सहयोग करना चाहिए ताकि साफ, सशक्त, और भ्रष्टाचार मुक्त भविष्य की दिशा में कदम बढ़ा सके।

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