Bhagwan Buddha Story In Hindi

Bhagwan Buddha Story In Hindi – इस post में ‘Bhagwan Buddha Story In Hindi’ का विस्तृत वर्णन है, जिसमें उनके जीवन के महत्वपूर्ण पलों और उनके द्वारा दिए गए धार्मिक उपदेशों को समाहित किया गया है। इस उपयोगी Bhagwan Buddha Story In Hindi से प्राप्त करें बुद्ध के अद्भुत अनुभवों का आनंद और अपने जीवन को सकारात्मक दिशा में मोड़ें।

चरित्रहीन स्त्री – Bhagwan Buddha Story In Hindi

एक बार की बात है एक गांव था। उस गांव में एक महिला रहती थी, लेकिन गांव वाले उसे नफरत करते थे। गांववाले समझते थे यह महिला चरित्रहीन है तो गांव वाले उससे दूर ही रहते थे। एक बार भगवान गौतम बुद्ध उस गांव में आए और एक पेड़ के नीचे ध्यान करने लगे। 

चरित्रहीन स्त्री - Bhagwan Buddha Story In Hindi

कुछ समय बाद वही महिला गौतम बुद्ध के पास आई और कहने लगी आप तो किसी राजकुमार जैसे दिखते है। आपने युवावस्था में भगवा धारण क्यों किया? आप संन्यासी क्यों बने? तब भगवान बुद्ध ने कहा, मेरे कुछ प्रश्नों के उत्तर ढूंढने के लिए मैंने संन्यास लिया है। बुद्ध ने कहा, हमारा शरीर जब तक जवान है तो हम सुंदर और आकर्षक होते हैं, लेकिन यह वृद्ध होगा, फिर बीमार होगा और अंत में मृत्यु को प्राप्त होगा। तो यह अटल सत्य है। मुझे वृद्धावस्था, बीमारी और मृत्यु का ज्ञान प्राप्त करना है। इसीलिए मैं संन्यासी बनना। बुद्ध की यह बात सुनकर वह स्त्री प्रभावित हो गई और कहने लगी है महात्मा!

आपकी बातों ने मुझे प्रभावित कर दिया है। मैं आपको भोजन दान देना चाहती हूं। मैं आपको अपने घर आमंत्रित करती हूं। जैसे ही यह बात गांववालों को पता चली। गांववाले बुद्ध के पास आए और बोले, आप कृपा करके उस स्त्री के घर मत जाइए, क्योंकि वह स्त्री चरित्रहीन है। 

भगवान गौतम बुद्ध ने गांव के मुखिया से कहा, क्या यह बात सच है? मुखिया ने कहा, जी हां, बिल्कुल। यह बात सच है। वह स्त्री चरित्रहीन है। तब बुद्ध ने मुखिया का एक हाथ पकड़ा और कहा अब ताली बजाई है। इस पर मुखिया ने कहा कि एक हाथ से ताली नहीं बच सकती। यह संभव नहीं है। इस पर बुद्ध ने कहा, ठीक इसी तरह से एक अकेली स्त्री चरित्रहीन नहीं हो सकती है। इस गांव के लोग भी चरित्रहीन न होते तो यह स्त्री भी चरित्रहीन नहीं होती। 

सभी लोग शर्म से नीचे देखने लगे। जब स्त्री को इस बात का पता चला तो उसने भगवान गौतम बुद्ध के पैर पकड़ लिए और माफी मांगते हुए कहा, हे महात्मा! कृपया मेरा मार्गदर्शन कीजिए। भगवान गौतम बुद्ध ने उस स्त्री को धम्म ज्ञान दिया और भगवान गौतम बुद्ध वहां से निकल पड़े।

गौतम बुद्ध के उपदेश

आत्म-संयम का सफर – Bhagwan Buddha Story In Hindi

एक बार की बात है गौतम बुद्ध प्रातःकाल सब शिष्यों को सन्देश दे रहे थे। गौतम बुद्ध ने सन्देश देने से पहले बता रहे थे की आज मैं तुमको एक ऐसा कथा सुना था कि जिसके पास सब कुछ होते हुए भी वह दुखी। किन्तु गौतम बुद्ध ने अपनी बात प्रारम्भ करते हुए कहा। किसी नगर में एक सेठ रहा करता था। उसके पास बहुत सारा संपत्ति, बहुत बड़ी हवेली थी, कई सारे नौकर चाकर थे फिर भी वो सेठ की मन को शांति नहीं थी। एक दिन किसी ने सेठ को बताया कि यहीं पास ही नगर में एक साधू रहा करता है।