चालक बन्दर की कहानी | Bandar Ki Kahani

Bandar Ki Kahani

Bandar Ki Kahani – एक बार की बात है, विक्रमगढ़ के जंगल में एक खतरनाक शेर अपनी शेरनी के साथ रहता था। जंगल में शेर और शेरनी एक बड़ी सी गुफा में रहते थे। जंगल के सभी छोटे-बड़े जानवर शेर से बहुत डरते थे। शेर रोज अच्छा अच्छा शिकार करके लाता और अपनी शेरनी को अच्छा अच्छा खाना खिलाता था।

चालक बन्दर की कहानी | Bandar Ki Kahani

एक दिन शेरनी शेर से कहती है, “सुनो जी, बहुत दिनों से मुझे अपनी मां की याद आ रही है। मुझे मम्मी के पास जाना है। तुम आज मुझे मम्मी के घर छोड़कर आ जाओ।”

“ठीक है जी, हम शाम को ही तुम्हारी मम्मी के घर चलते हैं। मैं भी कुछ महीने तुम्हारे साथ वहीं रहूंगा,” शेर ने उत्तर दिया।

“ठीक है, मैं जाने के लिए तैयारी करती हूं।” शेरनी ने कहा।

विक्रमगढ़ के जंगल से दूर हल्दीघाटी के जंगल में शेरनी की मम्मी का घर था। शेर और शेरनी जाने की तैयारी करने लगते हैं। दूसरी तरफ विक्रमगढ़ के जंगल में एक बंदर अपनी बंदरिया, चमेली, और अपने छोटे से बच्चे के साथ पेड़ पर रहता था।

चालक बन्दर की कहानी | Bandar Ki Kahani

बंदर चुपके से शेर और शेरनी की सारी बातें सुन लेता है और खुशी से उछलता हुआ चमेली के पास जाकर कहता है, “सुनो चमेली, एक खुशखबरी है। मैं तब तक तुम्हारी कोई बात नहीं सुनूंगी जब तक हमारे रहने के लिए पक्का घर का इंतजाम नहीं हो जाता। बरसात आने वाली है और तुमको हमारी कोई चिंता ही नहीं है। सारा दिन जंगल में इस पेड़ से उस पेड़ पर उछलते फिरते रहते हो। मैं बरसात में इस छोटे से बच्चे को लेकर इतने बड़े जंगल में कहां कहां जाऊंगी।” Bandar Ki Kahani

“अरे पक्के घर का इंतजाम हो गया है। क्या कहां हुआ घर का इंतजाम? शेर की गुफा में। तुम्हारा दिमाग खराब हो गया है। शेर की गुफा में हम कैसे रह सकते हैं? वो तो हमें खा जाएगा।”

शेरनी और शेर कुछ महीनों के लिए इस जंगल को छोड़कर दूर अपनी मां के पास हल्दीघाटी के जंगल जा रहे हैं। “बरसात के बाद ही आएंगे,” चमेली के बंदर ने कहा।

शेर शेरनी और शाम को दोनों जा रहे हैं। मैंने अपने कानों से सुना है। सिनर्जी। अगर शेर कभी अचानक आ गया तो क्या करोगे? उसके लिए मेरे पास एक तरकीब है। क्या तरकीब है पता। जरा अपना काम इधर लाओ। वह तरकीब तुम्हारे कान में ही बताऊंगा। चमेली अपना कान बंदर के पास लेकर जाती है। बंदर चमेली के कान में कुछ कहता है। चमेली सुनकर खुश हो जाती है।

अरे वाह! मेरे बंदर की तो बहुत ही अच्छी तरकीब है। अब हम शेर की गुफा में आराम से रह सकते हैं। शेर शेरनी जंगल छोड़कर चले जाते हैं। बंदर शेर की गुफा में रहना शुरू कर देता है। जंगल में शेर न होने की वजह से सारे जानवर बहुत खुश है। सभी जानवर और पक्षी खुशी से तरह तरह की मधुर आवाजें निकाल रहे है। नाच रहे है।

बंदर से बातें भी कर रहे हैं। बंदर भैया ये लो अमरूद खाओ। तोता तार तार करता हुआ उड़ जाता है। तभी हाथी गन्ना लेकर आता है। अरे भइया ये लो गन्ना बहुत मीठा है। धन्यवाद हाथी भैया। हाथी चिंघाड़ते हुआ चला जाता है। ये लो बंदर भैया। आपके और बच्चे के लिए लाल लाल गाजर। कार्बाइड आप को बहुत अच्छा घर मिला। धन्यवाद गधे भैया। इसी तरह से दिन गुजरते जाते हैं। बंदर का परिवार शेर की गुफा में मजे से रहने लगता है। कभी कभी बारिश होती है। चमेली और उसका बच्चा बहुत मस्ती करते हैं। Bandar Ki Kahani

सुनो जी, मुझे बहुत डर लग रहा है। क्यों? काफी दिन गुजर गए। शेर आ गया तो हमें मार डालेगा। बारिश भी खत्म होने वाली है। चिंता की कोई बात नहीं है। चमेली। मैं हूं ना। बोलते हुए बंदर गुफा से लगे हुए आम के पेड़ पर तेजी से चढ़ जाता है। कुछ और समय बीत जाने के बाद एक रात जंगल में बहुत जोर से तूफानी बारिश होती है।

बंदर, चमेली और उनका बच्चा गुफा में बारिश के बंद होने का इंतजार करते हैं। जंगल के सभी जानवर पंछी अपने अपने घोसलों में बारिश से बचने के लिए छिपकर बैठते हैं और बीच बीच में आसमान में बिजली कड़कती है तो बंदर का बच्चा डर से मां से चिपट जाता है। सिनर्जी। बच्चे को बहुत डर लग रहा है।

लाओ बच्चे को मुझे दे दो। मैं इसे सुना देता हूं। बंदर बच्चे को अपनी गोदी में लेकर सुलाने लगता है। इसी तरह से रात गुजर जाती है। सुबह होती है। बारिश रुक गई है। सभी पशु पक्षी अपने अपने घोंसलों से निकलकर पंख फड़फड़ाते हैं। तभी अचानक एक कौवा ज़ोर ज़ोर से चिल्लाता हुआ जंगल में इधर से उधर सबको सावधान करता हुआ उड़ रहा था। वह कह रहा था हां हां सावधान! Bandar Ki Kahani

शेर जंगल की तरफ आ रहा। मैंने अपनी आंखों से देखा है। साथ था शेर। हाँ हाँ चमेली कौवे की बात सुनकर घबरा जाती है और बंदर से बोलती है। सिनर्जी शेर जंगल में आने वाला है। अब हम कहां जाएंगे? कुछ तो करना पड़ेगा। यहां तो शेर। सबको खा जाएगा। कुछ करने की जरूरत नहीं है। मैं हूं ना। जब शेर यहां आएगा तो तुम वही तरकीब करना जो मैंने तुम्हें काल में बताई थी। ठीक है। जी, मैं वैसा ही करूंगी। हां।

फिर शेर अपने आप यहां से चला जाएगा। बाकी जानवर भी इधर से उधर भाग रहे थे। शेर के आने की खबर सुनकर पूरे जंगल में खलबली मची हुई थी। सब इधर उधर छुपने की कोशिश कर रहे थे। तभी जंगल में शेर के दहाड़ने की जोर से आवाज आती है। जंगल में सन्नाटा हो जाता है। जंगल एकदम शांत हो जाता है।

शेर दहाड़ता हुआ अपनी गुफा की ओर जा रहा था। सभी जानवर छुप छुपकर शेर को देख रहे थे। बंदर परिवार के साथ शेर की गुफा के अंदर ही था। शेर जैसे ही अपनी गुफा के पास पहुंचता है तभी गुफा में से चमेली के चिल्लाने की आवाज आने लगती है और उसके बच्चे की रोने की आवाज। Bandar Ki Kahani

सुनो जी, जल्दी से बच्चे के लिए शेर का मांस लेकर आओ। बच्चा भूखा है। आज बच्चे को शेर का मांस ही खाना है। ठीक है, ठीक है, अभी लेकर आता हूं। बस यूं गया और यूं शेर का कान पकड़कर यूं लाया, अरे जल्दी से शेर का मांस लेकर आओ ना। इधर शेर दोनो की बातें सुनकर घबरा जाता है।

मन ही मन पूछता है। पता नहीं ये कौन सा खतरनाक जानवर है जिसका बच्चा शेर का मांस खाता है तो ये लोग क्या खाती होंगी? नहीं मैं गुफा में जाकर अपनी जान नही दूंगा। यहां मेरी जान को खतरा है। शेर तेजी से जंगल से बाहर की ओर भागने लगता है। सभी जानवर हंसते हैं। क्या हुआ महाराज अभी अभी आए और अभी चल दिए है।

बस ऐसे ही कुछ काम याद आ गया था। सभी जानवर जोर से हंसते है। जैसे ही शेर जंगल से बाहर पहुंचता है उसे चालाक लोमड़ी मिलती है। लोमड़ी शेर को बंदर की बात बताती है लेकिन शेर को लोमड़ी की बात पर विश्वास नहीं होता। तो लोमड़ी बोलती है ठीक है। Bandar Ki Kahani

मैं आपके साथ चलती हूं, तब आपको विश्वास हो जाएगा। इसीलिए मैं अपनी पूंछ भी आपकी पूंछ से बांध देती। हां, ये ठीक रहेगा। दोनों पूंछ बांध लेते हैं। गुफा की तरफ आते हैं। चमेली लोमड़ी को शेर के साथ आते हुए देख लेती है और बंदर को बता देती है। बंदर फिर से वह तरकीब इस्तेमाल करता है। शेर और लोमड़ी नजदीक आते ही चमेली चिल्लाती है। सुनो जी। मैं अपने बच्चे को लेकर अपने घर जा रही हूं। वहीं पर शेर का मांस खिला दूंगी। थोड़ा सबर रखो। मैंने लोमड़ी को भेजा है। Bandar Ki Kahani

वह शेर को बांधकर लाती ही होगी। शेर बंदर की बात सुनकर लोमड़ी को गुस्से में देखता है। धोखेबाज लोमड़ी मुझे मारना चाहती है तो इस खतरनाक जानवर से मिली हुई है और शेर पूंछ बांधे हुए ही लोमड़ी को घसीटता हुआ। जान बचाकर भागता है नहीं, ऐसा कुछ नहीं है। ये बंदर बहुत चालाक। सच कह रही हूं। रुकिए। इस तरह बंदर की चालाकी से शेर हमेशा के लिए जंगल से बाहर चला जाता है और जंगल में फिर से सभी जानवर खुशी से नाचते गाते हैं। बंदर, चमेली और बच्चा खुशी से शेर की गुफा में रहते हैं। Bandar Ki Kahani

इस Bandar Ki Kahani से हमें यह सिखने को मिलता है कि चालाकी और साहस से किसी भी मुश्किल को पार किया जा सकता है। इसके साथ ही, विश्वास के साथ सहायकों की मदद से किसी भी समस्या का समाधान किया जा सकता है।

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