A Story On Unity Is Strength

आप सभी लोग इस बात से अच्छी तरह परिचित है की एकता से ही काम सफल होते हैं तो हम आपको इस लेख में A Story On Unity Is Strength पर कहानी बताने जा रहे हैं। की किस प्रकार आप इस कहानी के स्टोरी ऑन यूनिटी इस स्टैंड के अंतर्गत आने वाली एकता की एक कहानी से बहुत कुछ सीख सकते हैं। हमने सोचा क्यों ना आपको A Story On Unity Is Strength पर सुनाई जाए इसलिए हम आपको इस आर्टिकल में यह A Story On Unity Is Strength सुनने वाले हैं। तो देरी किस बात की शुरू करते हैं हमारी आज की कहानी A Story On Unity Is Strength

A Story On Unity Is Strength – एकता टूटने पर कहानी  

 एकता वह ताकत है जिससे बड़े से बड़े दुश्मन को भी हराया जा सकता है। भारत का इतिहास तो सभी जानते हैं किस तरह से विदेशी आक्रांताओं ने राजाओं के बीच में फूट डलवाई और राज किया। एकता की शक्ति विशाल से विशाल लक्ष्य को भी आसानी से प्राप्त कर सकती है। एकता चाहे परिवार की हो, गांव की हो, अथवा रहने वाले सभी नागरिकों की हो हमेशा ताकत और मजबूती ही देती है।आज हम आपके लिए एकता टूटने पर कहानी लेकर आए। 

मूर्ख  गांव  वाले – एकता टूटने पर कहानी  

यह A Story On Unity Is Strength कहानी एक छोटे से गांव की है जिसमें अलग-अलग धर्म और जातियों के लोग रहा करते थे। गांव के सभी लोग मिलजुल कर और प्यार के साथ एक दूसरे के धर्म और जातियों का आदर करते थे।  दूर-दूर तक इस गांव की एकता और अखंडता के चर्चे हुआ करते थे। यह गांव अपने आप में एक अनोखा था इस गांव के बाजार, मेले और प्रतियोगिताओं को दूर-दूर से लोग देखने आया करते थे। 

A Story On Unity Is Strength - एकता टूटने पर कहानी  

 एक बार इस गांव के समीप डाकुओं का एक झुंड आया और गांव का छुपकर मुआयना करने लगा ,सभी लोगों ने व्यापारियों का परिधान पहना और बारीकी से गांव के बारे में जानकारी जुटाने लगे। 

A Story On Unity Is Strength - एकता टूटने पर कहानी  

 डाकू ने योजना बनाकर रात के समय गांव पर हमला कर दिया पर सभी जाति और धर्म के लोगों की एकता और अखंडता ने डाकुओं का डटकर सामना किया, यह ऐसा पहली बार हुआ था जब सारे गांव के लोग एकजुट हो गए और एक दूसरे पर आई परेशानी को अपनी परेशानी समझ कर कूद पड़े। देखते ही देखते डाकुओं को वहां से पीछे हटना पड़ा और गांव छोड़कर जाना पड़ा। 

 डाकुओं का जो सरदार था उसको अपनी यह हार स्वीकार नहीं हुई और उसने प्रण लिया जब तक वह इस गांव के लोगों को लूटेगा नहीं तब तक वह चैन से नहीं रहेगा। 

 वह व्यापारी का भेष बदलकर गांव में रहने लगा और गांव की एकता और अखंडता में फूट डालने लगा ,वह गांव के लोगों को अलग करने के लिए एक दूसरे से नीचा दिखाता, जातियों में भेदभाव करता और ऐसे उदाहरण देता जिससे लोगों के बीच में द्वेष हो जाता।

 सरदार धीरे-धीरे अपने लोगों को गांव में रहने के लिए बुला लेता है और सभी मिलजुल कर यही काम करते हैं। वह दिन रात एक दूसरे के प्रति षड्यंत्र रचते हैं और उसको सच कर दिखाते हैं जिससे गांव की एकता और सामाजिकता में दखल पड़ने लगता है। 

 एक बार गांव में अधिक पानी गिरता है और एक विशेष जाति के लोगों के खेतों में भर जाता है ,डाकुओं का सरदार अपने आदमी लेकर रात में चुपके से जाता है और वह पानी निकाल कर दूसरी जाति के लोगों के खेतों में भर देता है और जाकर बोलता है कि रात में उन लोगों ने साजिश से तुम्हारी फसल खराब हो जाए इसलिए पानी तुम्हारे खेतों में छोड़ दिया। 

 दूसरी जगह जाकर भी ऐसे ही बातें करता है देखते ही देखते दो जातियों के बीच में लड़ाई हो जाती है और गांव में फुट पड़ने लगती है।  गांव के वृद्ध लोग सभी को समझाने की कोशिश करते हैं पर नतीजा कुछ नहीं निकलता। 

 ऐसे दो तीन बार और होता है और पूरा गांव अलग-थलग पड़ जाता है गांव के समझदार लोग इस बात से परेशान हो जाते और हर मुमकिन कोशिश करते हैं जिससे गांव की एकता और अखंडता वापस आ जाए पर ऐसा बिल्कुल भी नहीं होता है। 

 बहुत दिनों से डाकुओं का सरदार ही गांव में रह रहा था तो एक एक चीज को अच्छे से समझ गया था। उसने देखा कि एक विशेष प्रकार की जाती अब कमजोर पड़ गई है तो उसने सबसे पहले उन्हीं के घर पर हमला किया और पूरे गांव में यह संदेश फैलाया कि इन लोगों ने गांव के सभी लोगों के साथ गलत किया है इसलिए मैं सिर्फ इन्हीं जाति के लोगों को लूट लूंगा किसी और जाति के लोगों से मुझे कोई मतलब नहीं है। 

डाकुओं ने किया भी ऐसा ही सभी लोग देखते रहे और विशेष लोगों के घर को चिन्हित करके लूट लिया गया। इसी प्रकार डाकुओं ने साजिश रच कर एक एक धर्म और जाति के लोगों को अलग-अलग निशाना बनाया और कुछ ही दिनों में सारे गांव को लूट ले गए। जब सारे गांव के लोग लुट गए तब गांव के वृद्धों ने मिलकर एक सभा बुलाई और सबको आने के लिए कहा

 जो गांव का सबसे ज्यादा बुजुर्ग और जिसे लोग मुखिया कहते थे उसने सभी गांव के लोगों की मूर्खता को उजागर किया और कहा देखो हमने पूरा जीवन एकता और अखंडता में बिताया है ,कुछ मुट्ठी भर लोगों ने हमारे बीच में इतनी नफरत भर दी कि हम देख कर भी सच को नहीं देख पाए। 

 हमारी जब एकता टूटी हम तभी कमजोर हो गए, सदियों से हमारे गांव पर किसी ने नजर उठाने तक की हिम्मत नहीं की और आज हमारा पूरा गांव लौट चुका है। हमारे बच्चे भूखे सोने के लिए मजबूर हो गए। क्या मैं आप सब से यह जान सकता हूं क्या सभी धर्म और जाति के बच्चों को एक सी भूख नहीं लगती और अगर लगती है तो फिर यह मतभेद क्यों ?हम क्यों नहीं पहले की तरह एक साथ रहकर एक दूसरे का साथ दे सकते हैं। 

 मुखिया की बात गांव के सारे लोगों को समझ में आ गई और अपनी मूर्खता पर सारे लोगों को बहुत अफसोस हुआ दोस्तों यह एकता टूटने पर कहानी थी और आपने एकता टूटने का नुकसान भी पढ़ लिया होगा। 

शिक्षा

 इस A Story On Unity Is Strength कहानी से हमें एकता की शक्ति का आभास होता है। हम जब भी अलग थलग होते हैं, तब हम कमजोर होते हैं और जब हम एक साथ होते हैं तब हम मजबूत होते, यह बहुत आसान और सरल बात है पर इसको बहुत कम लोग समझते हैं। आज के समय में एक भाई दूसरे भाई के साथ नहीं रहना चाहता ऐसे में पूरे मोहल्ले ,गांव और समाज की एकता बहुत कठिन है पर यह सब छोटी-छोटी बातों से मुमकिन हो सकता है। 

निष्कर्ष

हमें इस A Story On Unity Is Strength कहानी से शिक्षा मिलती है कि हमें किस प्रकार एकजुट रहकर काम करना चाहिए। इसमें हमारा एवं हमारे समाज का विकास निहित होता है। A Story On Unity Is Strength हमें यह बताती है कि हम सभी व्यक्तियों को एक साथ मिलकर काम करना चाहिए और अपने जीवन में सफल होना चाहिए।

हमें पूर्ण उम्मीद हमारे द्वारा लिखी गई यह कहानी A Story On Unity Is Strength जरूर पसंद आई होगी। अगर यह A Story On Unity Is Strength कहानी आपको पसंद आई हो तो उसे लाइक शेयर एवं कमेंट जरुर करें।

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