1. “चेहरे पर हंसी और दिल में खंजर लिए फिरते हैं लोग,
इस मतलबी शहर में किसे अपना कहें और किसे गैर।”
2. “जब तक मतलब था, तब तक हम उनकी जान थे,
मतलब खत्म होते ही हम उनके लिए अनजान बन गए।”
1. “चेहरे पर हंसी और दिल में खंजर लिए फिरते हैं लोग,
इस मतलबी शहर में किसे अपना कहें और किसे गैर।”
2. “जब तक मतलब था, तब तक हम उनकी जान थे,
मतलब खत्म होते ही हम उनके लिए अनजान बन गए।”