खरगोश को अपनी तेज चाल पर बहुत घमंड था। उसने धीमी चाल चलने वाले कछुए को दौड़ की चुनौती दी। दौड़ शुरू हुई। खरगोश बहुत तेजी से आगे निकल गया। उसने देखा कि कछुआ बहुत पीछे है, तो उसने एक पेड़ के नीचे आराम करने की सोची और सो गया।
कछुआ बिना रुके धीमी लेकिन निरंतर चाल से चलता रहा। वह सोते हुए खरगोश को पार कर गया और फिनिश लाइन पर पहुँच गया। जब खरगोश की आँख खुली, तब तक कछुआ दौड़ जीत चुका था।
💡 सीख: प्रतिभा और गति से ज्यादा महत्व निरंतरता (Consistency) का है। जो छात्र रोज़ थोड़ा-थोड़ा नियमित पढ़ते हैं, वे हमेशा टॉप करते हैं।