एक शेर सो रहा था। एक छोटे चूहे ने उसकी नींद खराब कर दी। शेर ने गुस्से में चूहे को पंजे में पकड़ लिया। चूहे ने प्रार्थना की, “महाराज! मुझे छोड़ दीजिए, कभी मैं भी आपके काम आ सकता हूँ।” शेर उसकी बात पर हंसा और दया करके छोड़ दिया।
कुछ दिन बाद शिकारी ने शेर को जाल में फांस लिया। शेर दहाड़ने लगा। चूहा आवाज सुनकर दौड़ा आया और उसने अपने पैने दांतों से जाल काट दिया। शेर आजाद हो गया।
💡 सीख: कभी भी किसी को उसके रूप या आकार से कम मत आंकिए। हर किसी का अपना विशेष महत्व होता है।