एक किसान के पास एक जादुई मुर्गी थी जो रोज़ाना सोने का एक अंडा देती थी। किसान अंडे बेचकर अमीर होने लगा। लेकिन उसके मन में लालच आ गया कि रोज़ एक-एक अंडे का इंतज़ार करने से अच्छा है कि मुर्गी का पेट चीरकर सारे अंडे एक ही दिन निकाल लूँ। उसने छुरी उठाई और मुर्गी को मार डाला। पेट के अंदर कुछ नहीं मिला और मुर्गी भी मर गई।
💡 सीख: लालच इंसान की बुद्धि को भ्रष्ट कर देता है। संतोष ही सबसे बड़ा खजाना है।