आशा जीवन की वह लौ है जो घने से घने अंधकार में भी मार्ग प्रशस्त करती है। जब मन उदास हो, तो यह Poem on Hope in Hindi दिल में नई उमंग भर देगी:
माना कि रात बहुत घनी और काली है,
मगर सुबह की किरण भी आने वाली है।क्यों बैठ गया तू थक कर रास्तों पर मुसाफिर?
मंजिल अभी दूर सही, पर पास आने वाली है।
पत्तों के गिरने से पेड़ कभी नहीं मरते,
नई कोपलें फिर से शाखाओं पे खिलने वाली हैं।हौसलों के चिराग को जलाए रख तू हर घड़ी,
तेरी मेहनत की खुशबू हवाओं में घुलने वाली है!